अधिवक्ताओं का कहना है कि कंप्यूटरीकृत खतौनी में हुई गलतियों के सुधार के लिए रजिस्टर कानूनगो की रिपोर्ट और तहसीलदार सदर की स्वीकृति के बाद पत्रावली जॉइंट मजिस्ट्रेट के पास भेजी जाती है लेकिन वहां से पत्रावलियां वापस कर दी जाती हैं।
तहसील बार एसोसिएशन देवरिया के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को सदर तहसील के जॉइंट मजिस्ट्रेट अनिमेष वर्मा की कार्यशैली के विरोध में तहसील बार भवन में बैठक की। इसके बाद अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नायब तहसीलदार शिवेंद्र कौडिल्य को जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने जॉइंट मजिस्ट्रेट का सदर तहसील से स्थानांतरण करने की मांग की।
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बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जॉइंट मजिस्ट्रेट के सदर तहसील में तैनाती के बाद से विभिन्न राजस्व मामलों के निस्तारण में अनावश्यक बाधाएं आ रही हैं। असंक्रमणीय से संक्रमणीय भूमिधर दर्ज करने, धारा 80, धारा 31/32, धारा 24 और धारा 116 से संबंधित मामलों के साथ खतौनी में नाम की त्रुटियों और अंश निर्धारण से जुड़े प्रकरणों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
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अधिवक्ताओं का कहना है कि कंप्यूटरीकृत खतौनी में हुई गलतियों के सुधार के लिए रजिस्टर कानूनगो की रिपोर्ट और तहसीलदार सदर की स्वीकृति के बाद पत्रावली जॉइंट मजिस्ट्रेट के पास भेजी जाती है लेकिन वहां से पत्रावलियां वापस कर दी जाती हैं। इससे संबंधित मामलों के निस्तारण में देरी हो रही है और वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर जॉइंट मजिस्ट्रेट अनिमेष वर्मा का स्थानांतरण सदर तहसील से अन्यत्र करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।