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Deoria News: मुआवजे की बात कह 45 लाख की जमीन तीन लाख में करा दी बैनामा

Thu, 25 Sep 2025 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सलेमपुर। सिसई-कोल्हुआ मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान ठेकेदार ने पहले मनमानी तरीके से दो किसानों की जमीन से मिट्टी निकलवा ली। आरोप है कि बाद में तहसील में तैनात एक नायब तहसीलदार और हल्का लेखपाल ने दोनों किसान भाइयों का मुआवजा दिलाने की बात कह गांव की बगल की रहने वाली एक महिला को 45 लाख रुपये की जमीन को सिर्फ तीन लाख में बैनामा करा दिया।
इसकी जानकारी किसानों को तब हुई जब महिला ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जमीन पर कब्जा करने लगी। इसकी शिकायत पीड़ितों ने एसडीएम से कर बैनामा खारिज कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने भटनी के नायब तहसीलदार सौंपी है। इस मामले में जांच अधिकारी साक्ष्य जुटा रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार, तहसील क्षेत्र के सिसई-कोल्हुआ मार्ग चौड़ीकरण के दौरान ठेकेदार ने पड़री पांडेय गांव के रहने वाले समसुद्दीन अली व अशरफ अली की जमीन से मिट्टी निकलवाई थी। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत जब उच्च अधिकारियों से की तो हल्का लेखपाल और नायब तहसीलदार ने तहसील बुलाकर मिट्टी का मुआवजा दिलाने की बात कह उसके बैंक खाते में राजस्व परिषद का अधिकारी बताते हुए एक महिला के बैंक अकाउंट से तीन लाख रुपये भेजवा दिए। पीड़ित के मुताबिक, मुआवजा के एवज में लेखपाल ने पीड़ितों से 50 हजार रुपयेे अपने एक परिचित के फोन-पे पर ले लिए। आरोप है कि उसी दिन मुआवजे की बात कहते हुए दोनों को रजिस्ट्री ऑफिस लेकर चले गए और बिना जानकारी दिए पांच कठ्ठा के चक से फ्रंट पर ही तीन कठ्ठा जमीन गांव के बगल की एक महिला के नाम से बैनामा करा दिया। इसकी जानकारी किसी को नहीं देने की बात कह दोनों को घर भेज दिया गया।
27 अगस्त को गांव के प्रधान इमरान अंसारी को फोन कर सलेमपुर के नायब तहसीलदार और हल्का लेखपाल ने मौके पर बुलाकर बताया कि कुछ लोग राजस्व परिषद से आए हैं। आपभी आ जाइए एक जमीन की पैमाइश कर कब्जा दिलाना है। जब इसकी जानकारी प्रधान ने समसुद्दीन व अशरफ अली को दी तो दोनों दंग रह गए। आननफानन लोगों ने मौके पर पहुंचकर जब विरोध किया तो कब्जा दिलाने पहुंची टीम भाग निकली।
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इसके बाद पीड़ित दोनों भाइयों ने एसडीएम दिशा श्रीवास्तव के पास पहुंच कर अपनी पीड़ा सुनाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने इसकी जांच नायब तहसीलदार भटनी हरिप्रसाद को सौंप दी है। जांच अधिकारी के मुताबिक क्रेता महिला को बार-बार बुलाने के बावजूद वह बयान देने तहसील नहीं आ रही है।
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