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Deoria News: नदी में विलीन हो गई जमीन...बड़े घर में रहने वाले टीनशेड में गुजार रहे जीवन

Mon, 16 Feb 2026 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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बरहज के कपरवार ​स्थित सरस्वती नगर में आशियाना बनाये कुरह परसियां गांव के विस्थापित    संवाद
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बरहज। सरयू नदी की कटान से कुरह परसियां गांव का वजूद खत्म हो चुका है। करीब 500 घरों की आबादी वाला गांव नदी में समा चुका है। वहीं विस्थापित हुए लोग कपरवार गांव के सरस्वती नगर मोहल्ले समेत इधर-उधर रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से विस्थापितों को सरस्वती नगर में दो-दो डिसमिल जमीन मुहैया कराई गई है। आवास नहीं मिलने पर कर्ज आदि लेकर विस्थापित लोग अपना आशियाना बनाने में लगे हुए हैं।
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कुरह परसियां गांव में करीब 400-500 घरों में सभी जाति-वर्ग के लोग निवास करते थे। साल 2006 में सरयू नदी की धारा खेती वाली जमीनों की तरफ मुड़ गई। कपरवार गांव के सरस्वती नगर में रह रहे कुरह परसियां के विस्थापित कृष्णानंद, संतोष मिश्र, चंदन, दिलीप साहनी, नीलेश यादव, शिवाजी यादव, अखिलेश आदि सालों बाद भी घर छोड़ने के दर्द को भुला नहीं पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2006 से 2014 तक नदी ने पूरे गांव को अपने आगोश में ले लिया। इससे गांव का वजूद ही मिट गया।
प्रशासन ने कपरवार के सरस्वती नगर, कोटपुर-पिपरा, नई बस्ती, नदुआं छापर, नौका टोला आदि जगहों पर दो-दो डिसमिल जमीन मुहैया कराई। दो-दो डिसमिल जमीन तो मिल गई, लेकिन उस पर घर बनाने के लिए प्रशासन ने कोई सहयोग नहीं दिया। गांव में बड़े पुश्तैनी मकानों में रहने वाले लोग दो डिसमिल जमीन पर टीनशेड या कर्ज लेकर छोटा सा घर बनाकर किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं। सरयू की विभीषिका का मंजर आज भी कुरह परसियां के विस्थापितों के जेहन में कौंध रहा है। बरसात के मौसम में बाढ़ आने पर सभी के घाव हरे हो जाते हैं।
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सरस्वती नगर में आने-जाने के लिए नहीं है सड़क
सरयू नदी में विलीन हो चुके कुरह परसियां गांव के कुछ विस्थापितों को कपरवार के सरस्वती नगर में प्रशासन की ओर से दो-दो डिसमिल जमीन मुहैया कराई गई है। मोहल्ले में छह-छह घर ब्राह्मण और यादव, दो घर निषाद, तीन घर लोहार सहित करीब 25 विस्थापितों के परिवार निवास करते हैं। इन लोगों का कहना है कि गांव में आने-जाने के लिए कोई सड़क नहीं है। गंदे पानी की निकासी के लिए कोई नाली भी नहीं बनाई गई है। जहां एक ओर नदी ने खुशहाली छीन ली है, वहीं प्रशासन की ओर से विस्थापितों के गांवों में कोई समुचित प्रबंध नहीं कराया गया है। प्रशासन द्वारा जमीन तो दी गई, लेकिन आवास और शौचालय आदि मूलभूत सुविधाओं से लोग आज भी वंचित हैं।
कटान के मुहाने पर है मऊ जनपद का बिनटोलिया गांव
सरयू नदी दियारा क्षेत्र में परसियां-विशुनपुर देवार की कृषि भूमि निगल रही है। इस कटान से नदी के दूसरी तरफ स्थित मऊ जनपद का बिनटोलिया गांव कटान के मुहाने पर है। सरयू पार के लोग पूर्व में कुरह परसियां गांव के नदी में विलीन हो जाने के मंजर को अब तक भूल नहीं पाए हैं। अब उनके स्वयं के गांव पर खतरा बढ़ रहा है। पिछली बारिश में सरयू के बेतहाशा कटान से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में विलीन हो गई। नदी की धारा मुड़ने से मोहन सेतु का पाट भी चौड़ा हो गया। नदी का रुख परिवर्तित होने से सरयू थाना घाट के पक्के सीढि़यों से करीब दो किलोमीटर दक्षिण होकर बहने लगी है। जिससे नदी पार के गांवों की कृषि भूमि पर खतरा मंडराने लगा है।
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