भुजौली कालोनी रोड पर टूटी पाइपलाइन, फोटो: संवाद
देवरिया। शहर में कुर्ना नाला के पास गोरखपुर रोड पर स्थित मजार की भूमि फिर सरकारी हो गई है। एएसडीएम अवधेश कुमार निगम की कोर्ट ने 19 नवंबर को अपने फैसले में बंजर भूमि पर मजार के नाम के इंद्राज को गलत ठहराया था।
साथ ही इसे दोबारा सरकारी अभिलेखों में बहाल करने का निर्देश दिया था। उन्होंने इंद्राज के दोषियों पर कार्रवाई का आदेश भी दिया है। इसके बाद 20 नवंबर को तहसील प्रशासन ने इस पर दोबारा सरकार का नाम अंकित कर दिया। एएसडीएम कोर्ट में सुनवाई के दौरान खुलासा हुआ कि खतौनी 1399 फसली के खाता संख्या 3 की आराजी संख्या 1647/2मि० (रकबा 0.124 हे०), जो राजस्व अभिलेखों में बंजर भूमि के रूप में दर्ज थी, उस पर फर्जी परवाने और कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर वक्फ/मजार के नाम दर्ज कराया गया था। एएसडीएम अवधेश कुमार निगम ने इस इन्द्राज को तत्काल निरस्त करने के साथ तहसीलदार देवरिया को आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
इस मामले में देवरिया सदर के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने अपने आवास पर प्रेसवार्ता की।