नए जिला अस्पताल के लिए नहीं मिल रही जमीन
नगर क्षेत्र के पांच किलोमीटर की परिधि में नहीं मिल रही पांच एकड़ भूमि
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नए जिला अस्पताल के निर्माण के लिए पेंच फंस रहा है। इसके लिए प्रशासन की ओर से जमीन की तलाश पिछले कई माह से की जा रही है, लेकिन नहीं मिल रही है। इधर, तहसील प्रशासन ने नगर क्षेत्र के पांच किमी परिधि में अस्पताल के लिए भूमि उपलब्ध न होने की रिपोर्ट दी है। ऐसे में ऊहापोह की स्थिति उत्पन्न हो गई है। साथ ही जिला अस्पताल खुलने का मामला अधर में नजर आने लगा है।
बाबू मोहन सिंह जिला अस्पताल को अप्रैल 2021 में मेडिकल कॉलेज के रूप में परिवर्तित कर दिया गया। अस्पताल की भूमि आदि को मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया गया। साथ ही चिकित्सकों, फार्मासिस्टों सहित अन्य पैरामेडिकल व स्वास्थ्य कर्मियों को तीन से पांच साल की प्रतिनियुक्ति पर मेडिकल कॉलेज में कर दिया गया। साथ ही नए जिला अस्पताल का निर्माण तीन वर्ष में करने की बात कही गई।
मेडिकल कॉलेज की स्थापना के कुछ माह बाद जिला प्रशासन जिला अस्पताल के लिए भूमि की तलाश में जुट गया। तीन किलोमीटर की परिधि में निर्माण होना है। पहले दस फिर छह व अब पांच एकड़ सरकारी जमीन ढूंढने में तहसील कर्मी लग गए। काफी प्रयास के बाद भी ग्रामसभा की सरकारी भूमि नहीं मिल रही है। कई माह की तलाश के बाद तहसील प्रशासन भी अब हाथ खड़े कर लिया है।
तहसील प्रशासन ने डीएम को रिपोर्ट सौंपी है। सदर एसडीएम व तहसीलदार ने नगर क्षेत्र के पांच किमी परिधि में अस्पताल के लिए पांच एकड़ भूमि न उपलब्ध होने की रिपोर्ट दी है। ऐसे में उहापोह की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भीड़ बढ़ गई है। ऐसे में जिला अस्पताल की उपयोगिता महसूस की जा रही है।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि जिला अस्पताल के लिए प्रशासन भूमि की तलाश में है। जमीन मिलने पर अस्पताल की स्थापना के लिए कार्य शुरू होगा। जिला अस्पताल के जल्द बनने की संभावना है।
जिला अस्पताल निर्माण से होगी सहूलियत
देवरिया। जिला अस्पताल का निर्माण होने से मरीजों की भीड़ बंट जाएगी। सामान्य बीमारियों का इलाज आसानी से लोगों को मिलेगा। मेडिकल कॉलेज में भीड़ कम होगी। इससे इलाज में गुणवत्ता बढ़ेगी। साथ ही पार्किंग सहित अन्य सुविधाएं मरीजों व तीमारदारों को उपलब्ध होंगी। चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य कर्मचारियों की संख्या जिले में अधिक हो जाएगी और जांच के संसाधन भी बढ़ जाएंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय कार्यक्रमों के संचालन में आसानी होगी, जिससे लोगों को सहूलियत होगी।
कोट
जिला अस्पताल के लिए जितनी भूमि चाहिए उतनी मिल नहीं पा रही है। अब नए सिरे भूमि की तलाश की जा रही है। प्रयास है कि जल्द से जल्द भूमि उपलब्ध करा दी जाए।
-जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी