फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फंसे लोगों को लेकर पहुंचीं रोडवेज की बसें

विज्ञापन
हरियाणा से देवरिया रोडवेज पहुचे लोग। - फोटो : DEORIA
विज्ञापन
महामारी में घरों से दूर फंसे लोगों को लेकर पहुंचीं रोडवेज की बसें
विज्ञापन

खरोह चौराहे पर सभी की हुई थर्मल स्क्रीनिंग, होम क्वारंटीन के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अन्य प्रांतों में फंसे करीब 310 लोगों को रोडवेज की बसे लेकर देवरिया पहुंची। खरोह चौराहा पर बसों में सवार लोगों का थर्मल स्क्रीनिंग की गई। सभी को होम क्वारंटीन के निर्देश दिए गए। रोडवेज पर पहुंचे लोगों को बस का इंतजाम नहीं होने के कारण पैदल ही अपने घरों को जाना पड़ा।
दूसरे प्रांतों और प्रदेश के अन्य शहरों में लॉकडाउन के कारण फंसे लोग घर आने के लिए परेशान हैं। सरकार की ओर से रोडवेज बसों से इन लोगों को घरों तक पहुंचाया जा रहा है। बृहस्पतिवार करीब 14 विभिन्न जिले के रोडवेज बसें लोगों को लेकर गोरखपुर के रास्ते खरोह चौराहे पर पहुंची। सभी बसों को वहीं पर रोक लिया गया। बस में सवार लोगों को भोजन कराया गया और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने थर्मल स्क्रीनिंग की। इसके बाद देवरिया डिपो की बसों से इन लोगों को तहसील मुख्यालय या जो लोग बिहार के रहने वाले हैं उनको बॉर्डर पर छोड़ा गया। रोडवेज डिपो में पहुंचे भटनी व बरहज क्षेत्र के लोगों को घंटों इंतजार के बाद तहसील मुख्यालय पर भेजने के लिए बस मुहैया नहीं कराई गई। उनको सिर पर सामान लेकर पैदल ही घर जाना पड़ा। एसडीएम दिनेश मिश्र ने बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग के बाद सभी को तहसील मुख्यालयों पर भेज दिया गया। डॉक्टर की ओर से लोगों को होम क्वारंटीन के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन

42 दिन की प्रशासन की मेहनत पर फिर न जाए पानी
लक्षण नहीं मिलने पर घरों में रहना होगा होम क्वारंटीन
शहरों से घर लौट रहे लोगों को लेकर गांव में मच रह बवाल
1500 होम क्वारंटीन वाले को भी स्कूल में क्वारंटीन की हो रही मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रशासन की 42 दिन की मेहनत पर कहीं बाहर से आने वाले पानी न फेर दें, इसको लेकर न केवल हंगामा हो रहा है। बल्कि गांवों के लोग होम क्वारंटीन लोगों को भी क्वारंटीन में रखे जाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना हैं कि बाहर से आने वालों से संक्रमण का अधिक खतरा है। ऐसे में उन्हें घरों में न रखकर क्वारंटीन गांव के बाहर स्कूलों में किया जाए। एक मई के बाद जिले में 624 लोग क्वारंटीन हैं। 1500 से अधिक लोग होम क्वारंटीन हैं।
जिले में अभी तक 40869 लोग गैर प्रांतों और अन्य शहरों से आ चुके हैं और इनका स्क्रीनिंग भी की जा चुकी है। इसमें 1600 विदेश से आने वाले शामिल हैं। मुंबई, दिल्ली, आगरा, राजस्थान, लखनऊ, प्रयागराज, मध्य प्रदेश आदि शहरों से लोग घर पहुंच रहे हैं तो गांववालों का फोन कंट्रोल रूम और अफसरों के मोबाइल पर बजने लग रहा है। इसको लेकर कई गांवों में तनाव बढ़ जा रहा है। न चाहते हुए भी पुलिस को होम क्वारंटीन के बजाए स्कूलों में क्वारंटीन करना पड़ रहा है, जबकि सामान्य लोगों को होम क्वारंटीन ही रहना है। ऐसा शासन का भी आदेश अफसरों तक पहुंच गया है। रास्ते में स्क्रीनिंग के दौरान ऐसा निर्देश डॉक्टर दे रहे हैं। सर्दी, बुखार और बदन दर्द वालों को ही स्कूलों में 14 दिनों तक क्वारंटीन करना है, लेकिन गांव में कोरोना को लेकर इस कदर खौफ है कि लोग शहरों से आने वाले सामान्य लोगों को होम क्वारंटीन के बजाए स्कूल में क्वारंटीन कराने की मांग कर रहे हैं। इस बाबत सीआरओ अमृतलाल बिंद ने बताया कि बाहर से आने वाले सामान्य लोगों को होम क्वारंटीन के ही निर्देश हैं, जिसके अंदर कोई लक्षण दिखेगा। उसे ही स्कूलों में क्वारंटीन करना है। बेवजह लोग परेशान हो रहे हैं। घबराने की जरूरत नहीं है। बाहर से आने वाले लोगों का थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
लार में आगरा से दो दर्जन से अधिक पहुंचे मजदूर
लार। आगरा से बस पर सवार होकर बिहार के मैरवा के 20 से अधिक मजदूर लार बस स्टैंड पहुंचे। इसी बीच एसपी मेहरौना चेकपोस्ट से वापस लार बाजार होते हुए लौट रहे थे। यह देख चौकी के सिपाहियों ने मजदूरों को सराफा रोड में खदेड़ दिया। एसपी के जाने के बाद पुलिस ने मजदूरों को पैदल जाने दिया। बिहार के मैरवा के दो दर्जन से अधिक मजदूर आगरा शहर में पानी पूरी बेचने का काम करते हैं। इधर लॉकडाउन होने की वजह से उनके पास खाने को कुछ भी नहीं था। इससे परेशान होकर वह बस से अपने गांव के लिए निकले। आरोप है कि बस में उन लोगों ने टिकट भी कटाया था। पर चालक लार के बस स्टैंड पर उन्हें उतार कर वापस चला गया। इसके बाद वह पैदल लार बाजार होते हुए मेहरौना जाने की फिराक में चल दिए। अभी वह बाजार में पहुंचे ही थे कि कुछ लोगों ने उनसे पूछा कि कहां से आ रहे हैं। किसी ने इस बात की जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस मजदूरों को रोक सड़क के किनारे बैठा दिया। इसी बीच मेहरौना चेक पोस्ट से लौट रहे एसपी लार बाजार के रास्ते जा रहे थे। यह देख पुलिस ने मजदूरों को सराफा रोड में खदेड़ दिया। एसपी के जाने के बाद उन्हें मैरवा के लिए भेज दिया गया।
फोटो समाचार- 07डीईओ133
गोवा से घर आ रहा मजदूर ट्रेन से लापता, अनहोनी की आशंका
मां की मौत की सूचना पर 18 मार्च को पत्नी के साथ आ रहा था घर
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के बढ़या हरदो गांव निवासी और मजदूर गोवा से घर आ रहा था। जो मानिकपुर स्टेशन के आसपास से कहीं लापता हो गया। उसके घर न पहुंचने पर अनहोनी की आशंका से लोग सहमे हैं। बताया जा रहा है कि मां की मौत की सूचना पर वह 18 मार्च को पत्नी के साथ घर आ रहा था। लोगों के अनुसार उसका अक्सर गांव आना-जाना भी रहता था। करीब छह माह पूर्व पत्नी के साथ कमाने गोवा गया था। जबकि बच्चे गांव पर रहते हैं। 14 मार्च को उसकी मां की मौत हो गई थी। जानकारी होने पर वह पत्नी के साथ घर के लिए निकल पड़ा। पत्नी घर पहुंच गई। जबकि वह रास्ते में ही ट्रेन से लापता हो गया। पत्नी का कहना है कि वह मानिकपुर के करीब ट्रेेनों की क्रॉसिंग के दौरान किसी जरूरत से शौचालय की ओर गए। लेकिन लौट कर वापस नहीं आए। उसका कहना है कि छिउंकी स्टेशन पर उतरकर इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दी। इस संबंध में इंस्पेक्टर अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। पता कराता हूं।
विज्ञापन

सीवान से आए कामगार को शेल्टर होम में कराया शिफ्ट
बरहज। नगर के पटेल नगर पश्चिमी निवासी एक कामगार को स्वास्थ्य कर्मियों ने गौरा में क्वारंटीन कराया। वह सिवान से वापस घर आया था। बृहस्पतिवार को चिकित्साधीक्षक डॉ. अजय पाल और फार्मासिस्ट विनोद गुप्त ने बिहार के सीवान से आए कामगार का स्वास्थ्य जांच की। तत्पश्चात उसे क्वारंटीन सेंटर भेजा गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें