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खून जांच के लिए मरीजों को नहीं करनी पड़ेगी जेब ढिली

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खून जांच के लिए नहीं करनी पड़ेगी जेब ढीली
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सीएचसी-पीएचसी पर आने वाले मरीजों को बाहर से करानी पड़ती थी जांच
मैनुअल जांच की सिर्फ मिलती थी सुविधा, मरीजों को होती थी परेशानी
नीलांबुज मिश्र
देवरिया। सीएचसी पर आने वाले मरीजों को खून जांच के लिए प्राइवेट पैथालॉजी में नहीं जाना पड़ेगा। वहां मरीजों के खून का सैंपल लिया जाएगा और इसकी जांच जिला अस्पताल के पैथालॉजी में लगी आधुनिक मशीनों से होगी। इसका ठेका पीओ सिटी कंपनी को मिला है। सीएमओ ने आदेश भी दे दिया है। सब कुछ ठीक रहा तो अगस्त में सैंपल कलेक्शन शुरू हो जाएगा।
सीएचसी पर पहुंचने वाले मरीजों के खून की जांच मैनुअली होती थी। अन्य जांच के लिए प्राइवेट पैथालॉजी की मदद लेनी पड़ती थी। इसकी वजह से मरीजों की जेब ढीली होती थी। जिला अस्पताल में खून जांच के लिए हार्मोनल समेत कई कीमती मशीनें लगी हैं, सरकारी अस्पताल पर आने वाले मरीजों का खून जांचा जाएगा। इसका ठेका पीओ सिटी कंपनी को मिला है। सभी सीएचसी पर कंपनी अपने एक-एक वर्कर को रखेगी, जो पूरे खून कलेक्शन करने के बाद जिला अस्पताल के पैथालॉजी में पहुंचाएगा और जांच कर इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। सीएमओ ने सभी सीएचसी प्रभारियों को पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दे दी है। इससे मरीजों को सहूलियत मिलेगी। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि एक कंपनी को ब्लड जांच के शासन स्तर से ठेका मिला है। इसकी संस्तुति दे दी गई है। सभी सीएचसी पर इसकी सुविधा जल्द मिलनी शुरू हो जाएगी।
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इनसेट
11 तरह की हो सकेगी जांच
देवरिया। सीएचसी पर सीवीसी, एलफटी, केएफटी, लिपिड प्रोफाइल, शुगर, यूरिकएसिड, एचवी एवन सरी, इलेक्ट्रो लाइट, ईएसआर, थयराइड, विटामिल 2 की जांच नहीं होती थी। इसके लिए मरीजों को प्राइवेट पैथालॉजी में जाना पड़ता था। इसकी मशीनें जिला अस्पताल में लग गई हैं। वहां से सैंपल कलेक्शन कर जांच किया जाएगा।
इनसेट
एक कंपनी ने शुरू की थी इस तरह की जांच
देवरिया। ढाई वर्ष पूर्व इस तरीके से खून की जांच शुरू हुई थी, एक कंपनी को जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन खून जांच की फर्जी रिपोर्टिंग के कारण कंपनी का लाखों रुपये भुगतान फंस गया और व्यवस्था बंद हो गई।
पैथालॉजी केंद्र की छत टपकने से हार्मोनल जांच मशीन जली
थायराइड समेत आधा दर्जन जांच प्रभावित, सिर्फ चार दिन चली है मशीन
बिजली कटौती से बार-बार बंद हो रही अन्य जांच मशीनें, सही नहीं आ रही रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिला अस्पताल में लगी 50 लाख की लागत की हार्मोनल जांच मशीन बस चार दिन चलने के बाद खराब हो गई है। बारिश में पैथालॉजी केंद्र की छत टपकने से मशीन जल गई है। इस कारण थायराइड समेत कई जांच प्रभावित है। इन जांचों के लिए मरीजों को बाहर 500 से 800 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। पैथालॉजी भवन को ठीक कराने के बजाए जिला अस्पताल प्रशासन खामोश है।
जिला अस्पताल में काफी प्रयास के बाद हार्मोनल जांच मशीन लगी। इस मशीन थायराइड जांच की सुविधा भी शुरू हुई। मशीन अभी चार दिन ही चली थी कि लगातार हुई बारिश में छत टपकने लगी। मशीन के अंदर पानी जाने से उपकरण जल गए। इसके चलते कई जांचे ठप हो गई। पैथालॉजी पर पहुंच रहे लोगों को प्राइवेट में जांच कराने की बात कहकर लौटाया जा रहा है। वहीं, अंदर लगी अन्य मशीनें भी सुचारु रूप से बिजली आपूर्ति नहीं मिलने के कारण बीच-बीच में बंद हो जा रही हैं और जांच रिपोर्ट गड़बड़ आ रही है। जांच रिपोर्ट देखकर डॉक्टर भी चकरा जा रहे हैं, ऐसे में मरीजों के इलाज में असुविधाएं हो रही हैं। पैथालॉजी के कर्मचारियों ने बताया कि बारिश नहीं होने भी पानी का टंकी भरने के बाद जो पानी गिरता हैं, उसके चलते भी छत टपकने लगती है। इस बाबत सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि छत को ठीक कराया जाएगा, जिस एजेंसी ने मशीन दी है, उसको ठीक कराने के लिए पत्र लिखा गया है। सुचारु रूप से जिला अस्पताल को आपूर्ति नहीं मिलने से काफी काम प्रभावित हो रहा है।
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कतार में खड़ी महिला बेहोश हुई, मची अफरा-तफरी
देवरिया। जिला अस्पताल के पैथालॉजी में खून का सैंपल देने के लिए मरीजों की इतनी भीड़ थी कि लाइन लगानी पड़ी। कतार में खड़ी सकरापार की साबिया खातून बेहोश होकर गिर गईं। इससे अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने महिला को बाहर निकाला और पानी के छींटे मारे। मरीजों का आरोप है कि खून का सैंपल लेने में कर्मचारी भेदभाव अपना रहे हैं। इसके चलते मरीजों को कतार में काफी देर तक खड़ा होना पड़ रहा है।
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