देवरिया/कुशीनगर। एक हजार और पांच सौ के पुराने नोट पर प्रतिबंध के 16 दिन बाद बैंकों और एटीएम पर मारामारी कम न होती देख कुशीनगर में प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। करेंसी क्राइसिस से उबरने के लिए अपनाए जा रहे क्राइसिस मैनेजमेंट में देवरिया और आसपास के जिलों के बैंकों की सरप्लस नकदी कुशीनगर को उपलब्ध कराने का रास्ता निकाला गया है। कोशिश है कि 27 नवबंर को पीएम के आने तक एटीएम से भीड़ घटाकर परिवर्तन यात्रा के क्रम में प्रस्तावित जनसभा में भीड़ बढ़ाई जाए।
आठ नवंबर को बड़े नोटों पर पाबंदी के फैसले के बाद से अब तक कुशीनगर जिले में 179 बैंक शाखाओं और एटीएम से 150 करोड़ रुपये की निकासी हो चुकी है। इसके बाद भी एटीएम से धन निकासी करने वालों की कतार कम नहीं हो रही है। शुक्रवार को पडरौना सहित जिले के अधिकांश कस्बों में मारामारी रही। लगातार ऐसे नजारे से मोदी के कार्यक्रम की तैयारी में लगे राजनीतिज्ञों और अफसरों की चिंता बढ़ गई है। इसके चलते दो दिन से देवरिया, गोरखपुर आदि के बैंकों से कुशीनगर को अतिरिक्त करेंसी उपलब्ध कराई जा रही है। देवरिया के लीड बैंक मैनेजर बीएल मीणा ने बताया कि जिले में लीड बैंक की भूमिका निभाने वाले सेंट्रल बैंक से आज तक दो दिन में चार करोड़ रुपये के नोट कुशीनगर को उपलब्ध कराए गए। देवरिया के पीएनबी और एसबीआई से भी रकम भेजी गई है।
कुशीनगर के लीड बैंक मैनेजर हीरालाल कुशवाहा बताते हैं कि जिले में सात लाख से ज्यादा खातेदार हैं। नोट बंदी के बाद से धननिकासी को लेकर बढ़ी मांग पूरी करने के लिए बैंकों के करेंसी चेस्ट के माध्यम से लगातार आरबीआई को डिमांड भेजी जा रही है। जिले की बैंकिंग सामान्य स्थिति में पहुंचाने के लिए अभी लगभग 400 करोड़ रुपये की और जरूरत होगी।
दूसरी ओर इस व्यवस्था से देवरिया के बैंकों पर भी दबाव बढ़ गया है। रुद्रपुर में एसबीआई, यूबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बडौदा में तीन दिनों से कैश नहीं है। इन बैंकों में जमा नकदी से काम चलाया जा रहा है। उप डाकघरों में भी करेंसी का इंतजाम नहीं है। एसबीआई के शाखा प्रबंधक जेपी वर्मा ने कहा कि बैंक में जमा धन से ही भुगतान किया जा रहा है। तीन दिन से कैश नहीं आया है।