कठिन परिस्थितियों में कड़ी मेहनत कर फुटबालर बन रहीं गांव की बेटियां
पंकज मिश्र
बघौचघाट। कुर्मीपट्टी के खेल मैदान में गांव की बेटियां फुटबाल की बारीकियां सीखकर देश के लिए खेल रही हैं। इस खेल मैदान से निकलीं खिलाड़ी भारतीय टीम में शामिल होकर विदेश तक खेल चुकी हैं। अन्य बेटियों को देखकर कठिन परिस्थितियों के बावजूद अभिभावक यहां अपनी बेटियों को फुटबालर बनने के लिए भेज रहे हैं। यहां के प्रशिक्षक को क्षेत्रीय लोग द्रोणाचार्य कहकर बुलाते हैं।
कुर्मीपट्टी खेल मैदान फुटबाल खेलने वाली बालिकाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस खेल मैदान से अब तक कई लड़कियां फुटबाल में देश की टीम से खेलकर क्षेत्र का मान बढ़ा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र होने के बावजूद भी इस मैदान पर सुबह- शाम प्रतिदिन 40 लड़कियां फुटबाल की बारीकियां सीख रही हैं। खेल मैदान में किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है, फिर भी देश स्तर की खिलाड़ी यहां तैयार हो रही हैं। भारत की अंडर-19 टीम की कैप्टन हिना इसी मैदान में फुटबाल खेलती हैं। वहीं, सुष्मिता विश्वकर्मा, आयशा खातून, मुस्कान खान, सोनाक्षी सिंह, वंदना कुशवाहा, नेहा कुमारी अब तक देश के अंडर-12 से अंडर-19 टीम में खेल चुकी हैं। वहीं, 20 खिलाड़ी नेशनल फुटबाल खेल रही हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले फुटबाल लीग में इस मैदान की बेटियां अपना जलवा दिखा रही हैं।
हाल में हुए सैफ फुटबाल में भारत की अंडर-19 टीम चैंपियन बनी थी। इस टीम की कैप्टन मझौवा गांव की हिना रहीं जो एक बेहतरीन फुटबाल खिलाड़ी हैं। खेल की बदौलत वह चयनकर्ताओं की निगाह में हैं और आने वाले समय मेंं उनके भारतीय सीनियर टीम में चुने जाने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
सुष्मिता, आयशा, वंदना, नेहा, मुस्कान भारत की अंडर-16 से अंडर-19 टीम का वर्तमान में हिस्सा हैं। संवाद
भविष्य में इन खिलाड़ियों के नाम की होगी चमक
फरीदा अंसारी, रागनी सिंह, रुकसार खातून, मुस्कान खान, अर्चना यादव, निगम प्रजापति, नम्रता सिंह, विभा सिंह, शिवानी सिंह, वंदना कुशवाहा, ममता कुशवाहा, रिया सिंह, ज्योति प्रसाद, विनती कुमारी, काजल यादव, सोनम कुमारी, प्रियंका प्रसाद, कृति प्रजापति, समीरा अंसारी, सम्मा अंसारी, शिवानी सिंह, चाहत पांडेय, श्वेता गुप्ता, पुष्पा, अंजली गोंड, जिया सिंह, अपर्णा कुशवाहा, आंचल गुप्ता, प्रतिभा यादव, पूर्णिमा कुमारी, संजना कुमारी, सबीना अंसारी, दिशा सिंह, जैनब, आफरीन, अनिता कन्नौजिया, सुनीता कन्नौजिया, अंजली चौहान इस खेल मैदान पर इस समय फुटबाल की बारीकियां सीख रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में ये भी अपनी कड़ी मेहनत व लगन से प्रदेश व देश की टीम का हिस्सा होंगी।
प्रशिक्षक बोले- यहां की खिलाड़ी देश के लिए खेलें, यही है सपना
प्रशिक्षक जय कुमार राव ने कहा कि बेटियों को फुटबाल निशुल्क सिखाता हूं। मेरी खुशी उनके बेहतरीन खिलाड़ी बनने पर दोगुनी हो जाती है। मेरा सपना है कि इस खेल मैदान की बेटियां भारत की सीनियर टीम में खेलें और जिले का नाम रोशन करें। कम सुविधा में कुछ खिलाड़ियों के लिए फुटबाल सीखना कठिन होता है, इसमें अनेक समस्या भी आती हैं। फिर भी इनको फुटबाल सिखाता रहता हूं।