सलेमपुर, देवरिया। वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष खरमास का आरंभ 16 दिसंबर की रात 10 बजकर 19 मिनट पर होगा। इस समय सूर्य वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे धनु संक्रांति कहा जाता है।
खरमास का समापन 14 जनवरी 2026 को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ होगा। जयराम ब्रह्मस्थान मंगराइच के आचार्य अजय शुक्ल ने बताया कि खरमास को देवताओं के विश्राम का काल माना जाता है। इस अवधि में विवाह, सगाई, गृह निर्माण व गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ संस्कार, नए वाहन, भूमि, आभूषण की खरीद तथा व्यापार की शुरुआत जैसे मांगलिक और नवीन कार्य वर्जित रहते हैं।
आचार्य शुक्ल ने कहा कि ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब सूर्य धनु राशि में रहते हैं तो उनका प्रभाव क्षीण माना जाता है, जिससे शुभ कार्यों का फल कम या बाधित हो सकता है। इसलिए इस समय भौतिक और मांगलिक कार्यों को टालना श्रेयस्कर माना गया है।