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भागलपुर-देवसिया गांवों में सरयू नदी में चल रहे कटानरोधी कार्य को 30 मई तक करना था पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। मानसून आने के लिए तैयार है। दो स्थानों पर चल रहा 20 करोड़ की लागत से कटान रोधी कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। नदी में आने वाली बाढ़ से किसानों को भूमिहीन होने तथा कटान पीड़ितों को बेघर होने की आशंका सताने लगी है। शासन का आदेश है कि 30 मई से पहले बंधों की मरम्मत और कटानरोधी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।
बरसात में सरयू नदी हर साल भागलपुर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तबाही मचाती है। जल निकासी का समुचित व्यवस्था नहीं होने से प्रति वर्ष सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद होती है। भागलपुर और देवसिया गांवों को बचाने के लिए दोनों गांवों में लगभग दस-दस करोड़ का प्रोजेक्ट चल रहा है। इसे 30 मई तक पूरा करना था। लेकिन, आधा जून बीत जाने के बाद भी आज तक कार्य पूरा नहीं हो सका है। मानसून आ जाने पर कटानरोधी कार्य बाधित हो सकता है। ऐसे में नदी भारी तबाही मचा सकती है। बाढ़ विभाग और ठेकेदार की लापरवाही से धीमी गति से चल रहे कटानरोधी कार्य से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
ग्रामीण चंचल सिंह, बृजभूषण यादव, जयप्रकाश निषाद, अनिल सिंह, राकेश सिंह आदि का कहना है कि सरयू नदी बाढ़ के समय हर साल तबाही मचाती है। लेकिन, बाढ़ की समस्या का स्थायी निजात नहीं ढूंढ़ा जा सका है।
बाढ़ विभाग के अपर अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि दोनों गांवों में कटानरोधी कार्य अंतिम चरण में चल रहे हैं। मानसून आने से पहले कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। भीषण गर्मी के चलते कार्य पूर्ण करने में दिक्कत आई है।