13 कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालयों में तैनात हैं 39 पुरुष शिक्षक व कर्मचारी
- पुरुष कर्मचारियों को भविष्य दिख रहा अंधकारमय, जिले स्तर पर भी दे चुके हैं ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में अब केवल महिला कर्मचारी ही तैनाती होने के नए फरमान ने पुरूष कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें आगे का रास्ता नहीं सूझ रहा है और भविष्य भी अंधकारमय दिखाई देने लगा है। कहां वह नए सत्र में अपने संविदा के नवीनीकरण की तैयारी कर रहे थे, इधर आए आदेश ने उन्हें मायूस कर दिया है। ऐसे में अब वह हाईकोर्ट जाने के लिए चंदा इकट्ठा करने की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिले में 13 कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों का वर्तमान में संचालन हो रहा है। इन विद्यालयों में नामांकन प्रक्रिया भी अभी चल रही है। इधर नए शैक्षिक सत्र के शुरू होने के बाद यहां संविदा पर तैनात शिक्षक-शिक्षिकाओं व कर्मचारियों के नवीनीकरण की प्रक्रिया का इन कर्मचारियों को इंतजार था। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में शिक्षा मंत्रालय के आदेश के क्रम में एक शासनादेश ने इन विद्यालयों में तैनात पुरुष कर्मचारियों के जीवन में उथल-पुथल मचा दिया है। नए आदेश के अंतर्गत इन विद्यालयों में अब केवल महिला कर्मचारियों की ही संविदा का नवीनीकरण किया जाना है। यहां तक कि चौकीदार व चपरासी भी महिलाएं ही रखी जाएंगी। जिले के कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में वर्तमान में अंशकालिक पुरुष शिक्षक नौ, लेखाकार आठ, चपरासी 11 व चौकीदार भी 11 पिछले सत्र तक तैनात रहे हैं। यह सभी खासकर लेखाकार नए आदेश के खिलाफ चंदा इकट्ठा कर याचिका दाखिल करने में लगे हुए हैं। हालांकि आर्थिक चुनौती भी उनके सामने खड़ी हो रही है।
न्यायालय में जाने के लिए चंदा इकट्ठा कर रहे लेखाकार
पथरदेवा स्थित कस्तूरबा के लेखाकार अभिषेक यादव, बनकटा के शंभू गुप्ता, बरहज के राकेश कुमार सिंह, बैतालपुर के कृष्ण चंद, रामपुर कारखाना के आशुतोष द्विवेदी, भाटपाररानी के शिव प्रसाद कुशवाहा, भटनी के मुन्ना कुमार, रूद्रपुर के संतोष कुमार ने सोमवार को बताया कि मार्च व अप्रैल माह का मानदेय नहीं मिला है। सत्र 2021-22 का भी तीन माह का मानदेय बकाया है। इन सबके बावजूद चंदा इकट्ठा किया जा रहा है। अन्य जिलों के भी पुरूष कर्मचारियों ने आदेश के खिलाफ न्यायालय में याचिका दाखिल किया है। जनपद के कर्मचारियों को भी अब न्यायालय से ही न्याय मिलने की उम्मीद है।
कस्तूरबा विद्यालयों में तैनात पुरुष कर्मचारियों का नए सत्र से नवीनीकरण नहीं करने का आदेश आया है। इस संबंध में जो भी दिशा निर्देश आएगा, उसका पालन किया जाएगा।
.....टीएन पांडेय, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा