बरहज। कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व पर सोमवार को सरयू नदी में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाते हुए दान-पुण्य किए। बरहज में करीब एक लाख स्नानार्थियों का जुटना बताया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। जबकि भीड़भाड़ में सादे वेश में पुलिस तैनात किया गया था।
मध्य रात्रि से ही स्नान के लिए नदी तट पर लोगों की भीड़ उमड़ने लगी। दोपहर तक नदी घाट पर स्नान के लिए लोगों का तांता लगा रहा। स्नान के लिए लोगों के आने का क्रम देर शाम तक जारी रहा। नगर के 12 घाटों के अलावा गौरा, कपरवार और पैना आदि जगहों पर लोगों ने सरयू में स्नान-दान किए। स्नानार्थियों के जुटने के कारण नगर में चहलकदमी थी। वहीं मेले जैसा माहौल था। स्नान-दान के बाद लोगों ने फाइबर के सामान के अलावा लोहे की कड़ाही, चिमटा, बेलन, बच्चों के लिए खिलौने आदि सामानों की जमकर खरीदारी की।
मिठाई की दुकानों पर भी महिला-पुरुषों और बच्चों की अच्छी-खासी भीड़ रही। कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व पर नगरपालिका की ओर से नदी घाट पर विशेष व्यवस्था की गई थी। जबकि सड़कों पर साफ-सफाई के अलावा चूने आदि का छिड़काव कराया गया था। नदी तट पर बढ़ी भीड़ को लेकर एसडीएम अवधेश कुमार निगम, सीओ राजेश सिंह, पालिकाध्यक्ष श्वेता जायसवाल, ईओ चंद्रकृष्ण पांडेय, इंस्पेक्टर जितेंद्र प्रताप सिंह आदि मुस्तैद रहे।
तीन किलोमीटर पैदल चलकर बड़े-बूढ़ों ने किया स्नान-दान
कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व पर जुटी भीड़ के चलते नगर आस्थावानों से खचाखच भरा हुआ था। तहसील, पैना और लवरछी बाइपास पर बैरिकेडिंग कर छोटे-बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया था। जिससे बड़े-बूढ़ों को करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर सरयू में स्नान-दान करना मजबूरी था। पर्व पर साथ आए बच्चे भी उत्साहित दिखाई दिए।