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दबे-कुचले लोगों की आवाज थे कर्पूरी ठाकुर : राज्य मंत्री

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दबे-कुचले लोगों की आवाज थे कर्पूरी ठाकुर : राज्य मंत्री
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देवरिया/खुखुंदू। पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की जयंती रविवार को विभिन्न राजनैतिक व सामाजिक संगठनों की ओर से समारोह पूर्वक मनाई गई। राष्ट्रीय नाई महासभा ने पगरा में कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर समारोह आयोजित किया। मुख्य अतिथि मत्स्य एवं पशुपालन राज्य मंत्री जय प्रकाश निषाद ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर जीवनपर्यंत गरीबों, दलितों व शोषित वर्ग के लोगों को समाज में उचित स्थान दिलाने के लिए संघर्ष करते रहे।
राज्यमंत्री ने कहा कि आज के युग में कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों पर चलकर ही समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है। राज्यमंत्री ने नाई छात्रावास एवं सेवा सदन का शिलान्यास किया। रामपुर कारखाना विधायक कमलेश शुक्ला ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर संघर्ष की बदौलत बिहार की जनता में लोकप्रिय थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गंगा प्रसाद इंटर कालेज मझगावां के प्रवक्ता मारकण्डेय मिश्र ने की। इस दौरान पारस नाथ गुप्त, राजेंद्र शर्मा, रामनरेश शर्मा, सरोज शर्मा, राघवेंद्र प्रताप शाही आदि मौजूद रहे।
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खुखुंदू प्रतिनिधि के अनुसार, सपा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय चौराहे पर गोष्ठी आयोजित की। पूर्व मुख्यमंत्री जननायक के चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया। सपा नेता पूर्व प्रदेश सचिव बेचूलाल चौधरी ने कहा कि अति पिछड़े गरीब परिवार में पैदा हुए जननायक कर्पूरी ठाकुर अपने संघर्षों के बल पर बिहार में दबे कुचले लोगों की आवाज बने और देश की राजनीति में अलग पहचान बनाई। अंबिका यादव ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के समय कर्पूरी ठाकुर ढाई साल जेल में बंद थे। जेल से छूटने के बाद बिहार की पहली विधानसभा के लिए चुने गए थे। अध्यक्षता कौशल ठाकुर ने की। अशोक यादव, सोबराती किदवई, सतीश पटेल, कौशल शर्मा,मिट्ठू विश्वकर्मा, इन्द्रजीत यादव, मुबारक, अनिल शर्मा, रामनरेश पटेल आदि उपस्थित रहे।
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