मेडिकल कालेज में कार्यशाला में शामिल चिकित्सक
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में चिकित्सकों और एमबीबीएस के विद्यार्थियों को कालाजार और मलेरिया के उपचार और बचाव के तरीके बताए गए।
बृहस्पतिवार को कार्यशाला का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने किया। डब्ल्यूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. नित्यानंद ठाकुर ने कालाजार के लक्षण, जांच और उपचार की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि दो सप्ताह से अधिक बुखार, वजन घटना और प्लीहा बढ़ना इसके प्रमुख लक्षण हैं। आरके-39 किट से इसकी जांच की जाती है।
डॉ. आरके श्रीवास्तव ने मलेरिया की जांच के लिए रक्त पट्टिका और आरडीटी किट के उपयोग के बारे में बताया। डॉ. सिराजुद्दीन और डॉ. मोनिका चौधरी ने मरीजों के उपचार और जनजागरूकता पर जोर दिया। डाॅक्टरों ने कहा कि कालाजार एक खतरनाक बीमार है। इस पर समय रहते काबू पा लेना ही बेहतर है। डाॅक्टरों को इसकी पहचान करने की जरूरत है। इस दौरान सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, जिला मलेरिया अधिकारी सुधाकर मणि सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।