साढ़े चार लाख के मैट बढ़ा रहे स्टोर की शोभा
प्रो. कबड्डी लीग से जनपद के खिलाड़ियों को भी है बेहतर कॅरियर की उम्मीद, प्रशिक्षक ही नहीं
संवाद न्यूज एजेेंसी
देवरिया। रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में कबड्डी खेल व खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदारों की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। मैट उपलब्ध होने के बावजूद प्रशिक्षक की तैनाती नहीं होने से यहां के खिलाड़ियों को अन्य बाहरी जगहों का रुख करना पड़ता है।
एक साल पूर्व करीब साढ़े चार लाख रुपये में 256 सेट के मैट खरीदकर खेल निदेशालय ने उपलब्ध कराए गए थे। मैट को पिछले एक साल से स्टोर रूम में रखा गया है। मैट मिलने के बाद उम्मीद जगी थी कि इस खेल व खिलाड़ियों का भला होगा और वे स्टेट प्रतियोगिताओं में जिले का मान बढ़ाएंगे। साथ ही उन्हें मिट्टी पर नहीं मैट पर खेलने का पूरा अभ्यास मिलेगा और चोट लगने की आशंका भी कम होगी। लेकिन प्रशिक्षक की तैनाती नहीं किए जाने से यह मैट खिलाड़ियों के किसी काम नहीं आ रहा है।
कबड्डी की प्रतियोगिताएं या चैंपियनशिप भी मैट पर हो रहीं हैं। आईपीएल की तर्ज पर शुरू हुए प्रो कबड्डी लीग में मैट पर खेलकर ग्रामीण क्षेत्रों से गए खिलाड़ियों ने अलग पहचान बनाई है। कई ने रेलवे सहित अन्य सरकारी विभागों में खेल की बदौलत ही नौकरी हासिल कर क्षेत्र का मान-सम्मान बढ़ा रहे हैं। स्पोर्ट्स स्टेडियम में मैट की सुविधा होने के बावजूद प्रशिक्षक की कमी सबको खलती है। बिना प्रशिक्षक के ही अभ्यास करने वाले अंशू, बेबी, विकास, रूपेश आदि कहते हैं कि कबड्डी के प्रशिक्षक के नहीं होने पर उन्हें खो-खो में प्रशिक्षण लेना पड़ रहा है।
कबड्डी में कॅरियर के लिए खिलाड़ियों को मिलनीं चाहिए आधुनिक सुविधाएं
क्षेत्रीय क्रीड़ांगन गोरखपुर की कबड्डी प्रशिक्षक रह चुकीं विजयलक्ष्मी सिंह बताती हैं कि कबड्डी प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षक का होना तो सर्वाधिक जरुरूरी है। इसके अलावा मैट, मैट का टेप, हाल, ड्रिल के कोन, मैट शूज उपलब्ध हों तो इससे खिलाड़ी का प्रदर्शन सुधरेगा। इसके बिना कोई भी खिलाड़ी बेहतर नहीं बन सकता। आधुनिक समय में कबड्डी की सारी छोटी बड़ी प्रतियोगिताएं मैट पर हो रहीं हैं। प्रो कबड्डी लीग ने तो मंडल के खिलाड़ियों का आकर्षण भी इस खेल में बढ़ाया है।
कोट
स्टेडियम के पास 256 सेट का कबड्डी मैट तो है लेकिन प्रशिक्षक नहीं होने से इसका प्रशिक्षण नहीं संचालित किया जाता। जिले में भी कबड्डी खेल का बेहतर विकास हो, इसके लिए खेल निदेशालय को इस संबंध में पत्र लिखा जाएगा।
-राज नरायण प्रसाद, जिला क्रीड़ाधिकारी