शहर की रामलीला में शूर्पणखा प्रसंग का मंचन करते कलाकार
देवरिया। श्री रामलीला समिति के तत्वावधान में रामलीला के चौथे दिन बृहस्पतिवार को पंचवटी में शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण, जटायु-रावण युद्ध और शबरी मिलन की लीला का मंचन किया गया।
कलाकारों के सजीव अभिनय से दर्शक निहाल हो गए। रामलीला की प्रस्तुति सलेमपुर सांस्कृतिक संगम के कलाकार कर रहे हैं। शुभारंभ हनुमान चालीसा के पाठ से हुआ।
मंचन में दिखाया गया कि प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण पंचवटी में निवास कर रहे हैं। इसी दौरान रावण की बहन शूर्पणखा श्रीराम और लक्ष्मण को देखकर मोहित हो जाती है और उनसे विवाह करने की जिद करती है।
श्रीराम उसे लक्ष्मण के पास भेज देते हैं। लक्ष्मण के समझाने के बावजूद शूर्पणखा नहीं मानती, जिस पर लक्ष्मण उसकी नाक और कान काट देते हैं।
अपमानित शूर्पणखा लंका पहुंचकर रावण को आपबीती सुनाती है और उसे प्रतिशोध लेने के लिए उकसाती है। इसके बाद रावण मारीच को स्वर्ण मृग का रूप धारण कर पंचवटी भेजता है। संवाद