बघौचघाट। देवरिया तहसील में स्टांप वेंडर का कार्य करने वाले अजय मिश्र की मौत के मामले में परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तीन नामजद और चार-पांच अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कर गिरफ्तारी में जुटी हुई है। इसी बीच अजय मिश्र की पत्नी सरिता मिश्र के बयान ने मामले में नया मोड़ ला दिया है।
सरिता ने कहा है कि उनके पति की मौत हादसे में नहीं, बल्कि उनको मारा गया है। आरोप लगाया कि लाखों रुपये हड़पने के लिए रामपुर अवस्थी के एक दबंग की शह पर हत्या की गई है। पुलिस पति के हत्यारों को गिरफ्तार कर परिवार को न्याय दिलाए।
बघौचघाट क्षेत्र के छितौनी गांव निवासी अजय मिश्रा उर्फ मंटू मिश्र की मौत के मामले में अब तक दस लोगों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। इस घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है। सरिता ने कहा कि नामजद आरोपी धीरेंद्र उपाध्याय के पास भी पति के लाखों रुपये हैं, उसे वह देना नहीं चाहता है।
बताया कि पुलिस कुछ नहीं बता रही है। कुछ लोग हत्या को हादसे में बदलवाने के लिए पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। अगर पुलिस ने हत्या को दुर्घटना माना तो वह चुप नहीं बैठने वाली। मेरे पति की हत्या हुई है, न्याय मिलना चाहिए।