राजकीय बाल गृह (बालक) से दो किशोरों के भागने का मामला
डीएम ने दिया है मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश, विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव भी पहुंच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राजकीय बाल गृह (बालक) से दो किशोरों के फरार होने के मामले में प्रोबेशन अधिकारी की जांच में यहां के कर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिली है। वहीं डीएम द्वारा मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश पर जांच एडीएम प्रशासन को सौंपी गई है।
दरअसल, राजकीय बाल गृह से शुक्रवार को दो किशोर फरार हो गए। इसमें एक रामपुर कारखाना और दूसरा दरभंगा(बिहार) जिले का निवासी है। रामपुर कारखाना का किशोर बोलने और सुनने में असमर्थ है। शुक्रवार सुबह शौचालय के लिए निकले दोनों किशोर चारदीवारी फांदकर फरार हो गए। इनकी सुरक्षा में केयर टेकर, चपरासी और दो होमगार्ड तैनात थे। बालगृह में 26 किशोर थे, सुबह गिनती में 24 मिले, तब जाकर भागने की जानकारी हुई। मार्च 2019 में भी चार किशोर कमरे का जाली तोड़कर फरार हो चुके है। इसमें से तीन का पता अभी तक नहीं चल सका है। रविवार को दोपहर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शिवेंद्र मिश्र पहुंचे और राजकीय बाल गृह के अध्यक्ष यशोदा तिवारी से घटना की जानकारी ली। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार ने बताया कि मैंने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। इसमें बालगृह के कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।