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बचाने के बजाए डूबाने की तैयारी में बाढ़ खंड

Wed, 29 Jun 2016 11:33 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
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केवटलिया गांव के समीप कटान करती राप्ती नदी और बाढ़ चौकी का निरीक्षण करते उपजिलाधिकारी डॉ. राजेश कुमार
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बाढ़ के आसन्न संकट से निपटने के लिए कोई तैयारी नहीं है। बाढ़ खंड खतरे से बचाने के बजाय डूबाने की पूरी तैयारी कर बैठा है। बुधवार को एसडीएम डॉ राजेश कुमार के निरीक्षण में सिंचाई विभाग की तैयारी का पूरा पोल खुल गई।
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एसडीएम ने गायघाट और केवटलिया बंधे पर कटान स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे संवेदनशील गायघाट कटान स्थल पर तैयारी को लेकर चिंता जताई। यहा राप्ती नदी तीन बार गांव को नेस्तनाबूत कर लोगों को उजड़ने और बसने पर मजबूर करती रही है। गायघाट तटबंध रुद्रपुर क्षेत्र का सबसे संवेदनशील बांध है। सिंचाई विभाग इस बांध को बचाने के लिए कई बार एड़ी चोटी का जोर लगा चुका है। केवटलिया बांध के कटान स्थल पर स्थिति अत्यंत नाजूक बनी है। यहां कटान रोकने को बांध पर एक खांची मिट्टी भी नहीं गिराई गई है। हर साल फ्लड फाइटिंग के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाला बाढ़ खंड इस बार तटबंधों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है।

बाढ़ से सुरक्षा को लेकर डीएम के चेतावनी के बाद भी रुद्रपुर में कोई भी बाढ़ चौकी संचालित नहीं हो रही है। एसडीएम के निरीक्षण के दौरान गायघाट की बाढ़ चौकी पर ताला लगा था। उन्होंने बाढ़ चौकी और संवेदनशील कटान स्थलों की वीडियोग्राफी कराई। एसडीएम ने कहा कि तटबंधों की सुरक्षा और बाढ़ को लेकर सिंचाई विभाग की तैयारिया संतोषजनक नहीं है। बाढ़ चौकियों की हालत दयनीय है। रुद्रपुर के बाढ़ प्रभावित इलाके में संवेदनशील बंधों और बाढ़ से सुरक्षा में खामियों की रिपोर्ट डीएम और सिंचाई विभाग  के एक्सईन को भेजी जा रही है।
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