सरकारी पर्ची के साथ सादे कागज पर लिख रहे बाहरी दवा
प्राइवेट पैथालॉजी पर मरीजों को भेज करा रहे आर्थिक शोषण
सीएचसी के एक्सरे को बता रहे गलत, बाहर से कराने का दे रहे सुझाव
सीएचसी पर दुर्व्यवस्था का बोलबाला
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। करीब तीन लाख आबादी की स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दुर्व्यवस्था का बोलबाला है। यहां मरीजों को प्राइवेट पैथालॉजी में जांच कराने को भेजकर जमकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। सरकारी पर्ची के साथ सादे पर्ची पर बाहरी दवा लिख कर मेडिकल की दुकानों से कमीशनखोरी का धंधा नहीं थम रहा। सीएचसी में हुए एक्सरे को गलत बता कर चिकित्सक बाहर से एक्सरे कराने को मरीजों सुझाव दे रहे हैं। इस संबंध में सीएमओ डॉ धीरेंद्र कुमार ने कहा कि इस तरह की शिकायतें कई बार मिल चुकी हैं। पहले भी चिकित्सकों को हिदायत दी गई है, लेकिन इसके बाद भी यदि बाहर की जांच और दवा लिखी जा रही है तो औचक निरीक्षण कर कार्रवाई करेंगे।
केस-1
नगर के मुख्य बाजार के शिवरतन अपने नाती आरएन को लेकर इलाज कराने पहुंचे थे। चिकित्सक ने सरकारी पर्ची के पीछे बाहर से दवा लिख कर ले आने को कहा। वह सीएचसी के मुख्य गेट पर स्थित मेडिकल स्टोर से महंगी दवा लेकर अपने नाती का इलाज कराए।
केस-2
बस स्टेशन की रहने वाली पूजा को एक सप्ताह से बुखार हुआ था। चिकित्सक ने पर्ची देखने के बाद उसे एक पैथालाजी पर जांच कराने को उसका विजिटिंग कार्ड थमा कर भेज दिया। जबकि सीएचसी में ब्लड जांच है। पूजा को ब्लड जांच में एक हजार रुपये खर्च करने पड़े।
केस-3
नगर के टेढ़ा स्थान वार्ड का दिव्यांशु ने सीएचसी में ही सीने का एक्सरे कराया था। दिव्यांशु ने कहा कि चिकित्सक एक्सरे को गलत बता रहे हैं। उन्होंने बाहर से एक्सरे करा कर आने को कहा। डॉक्टर ने साथ में एक पर्ची देकर बाहर एक्सरे सेंटर पर देने को कहा।
केस-4
पिपरा कछार की सरस्वती अपने नाती सूरज के पैर में हो रहे दर्द की जांच कराने गई थी। बकौल महिला चिकित्सक ने उन्हें बाहर से एक्सरे कराने को भेजा। वह प्राइवेट में पांच सौ रुपये देकर एक्सरे कराई। इसके बाद चिकित्सक ने जांच रिपोर्ट देखकर उन्हें दवा बताई।
फोटो समाचार
गर्भवतियों की एचआईवी जांच कराने के निर्देश
सीएमओ ने किया सीएचसी का औचक निरीक्षण
रजिस्टर का पूरी तरह से नहीं भरा गया था कालम
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। सीएमओ डॉ. धीरेन्द्र कुमार शनिवार को अचानक सीएचसी पहुंचे और अस्पताल में अधूरे कागजात देख भड़क उठे। उन्होंने एक घंटे तक अस्पताल का कोना-कोना देखा और आवश्यक निर्देश दिए। महिला स्टाफ को गर्भवतियों की समय से जांच कराने के निर्देश दिए।
सीएमओ करीब 2:40 बजे सीएचसी पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने रजिस्टर की जांच की, जिसमें कोई कालम सहीं तरीके से नहीं भरा गया था। रजिस्टर में दर्ज एक गर्भवती वंदना आई थी। जिसकी कोई जांच नहीं की थी। यह देखकर सीएमओ ने महिला स्टाफ अल्पना सिंह को फटकार लगाते हुए गर्भवती महिला को मोबाइल नंबर के जरिए उसे बुलाकर जांच कराने की बात कहीं। इसके बाद परिसर का निरीक्षण किया और कर्मचारियों के आवास आदि की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि गर्भवतियों की चार जांच होनी है। पहले जांच में एचआईवी, खून समेत कई जांच कराई जाएगी। हाल में लगी कुर्सी के पाए में बोल्ट लगवाने, उपकरण और सामानों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। शौचालय सहित परिसर में लगी टाइल्स आदि पर गंदगी देखकर सीएमओ खफा हो गए। सीएचसी के प्रभारी डॉ. अतुल कुमार को फोन से तत्काल प्रभाव से सफाई कराने के निर्देश दिए। महिला वार्ड के निरीक्षण दौरान महिला डॉ. सुमन गुप्ता को गर्भवतियों की सभी प्रकार की जांच कराने के निर्देश दिए। वहीं, डॉ. राजेश कुमार छुट्टी पर थे तो डॉ. वीके मिश्र ड्यूटी से नदारद रहे। इसके अलावा उन्होंने वीपीएम सनोज त्यागी, डॉ. अरशद खान, चीफ फार्मासिस्ट एसएन यादव, लिपिक समशेर आदि से पूछताछ भी की। सीएमओ ने बताया कि गर्भवतियों की सभी प्रकार की जांच कराई जाएगी। अस्पताल परिसर में लाइट की उचित व्यवस्था करने और साफ-सफाई को लेकर हिदायत दी गई है।
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सीएमओ के निरीक्षण में नदारद मिले डॉक्टर-कर्मचारी
मझगांवा पीएचसी, भटनी और भाटपाररानी के अस्पताल का किया निरीक्षण
अनुपस्थित चिकित्साधीक्षक और चार कर्मचारियों का रोका वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सख्ती के बाद भी स्वास्थ्य कर्मचारियों की कार्यशैली में बदलाव नहीं आ रहा है। शनिवार को दोपहर में सीएमओ ने चार सीएचसी व पीएचसी का निरीक्षण किया। मझगांवा पीएचसी के चिकित्साधीक्षक समेत चार कर्मचारी ड्यूटी से लापता मिले।
मझगांवा पीएचसी पर डॉ. प्रीति पांडेय मरीजों को देख रही थीं। लेखा प्रबंधक और पीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. मारकंडेय जायसवाल नदारद थे। गर्भवती पंजीकरण रजिस्टर नहीं भरा जा रहा था। एचआईवी किट नहीं था। सीएमओ ने देवरिया स्टोर इंचार्ज से बात की तो बताया कि कर्मचारी ले ही नहीं जा रहे हैं। पर्याप्त मात्रा में किट स्टोर में पड़ा है। सलेमपुर सीएचसी पर रवि कुमार समेत दो कर्मचारी ड्यूटी से लापता मिले। सफाई की व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। भटनी पीएचसी पर सब कुछ ठीक मिला। भाटपाररानी पीएचसी पर गर्भवती पंजीकरण रजिस्टर नहीं भरा जा रहा था। सीएमओ ने चिकित्साधीक्षक को फटकार लगाते हुए अविलंब इसे भरवाने के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि ड्यूटी से लापता डॉक्टर और कर्मचारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध नर्सिंग होम संचालकों पर कार्रवाई से कतरा रही कोतवाली पुलिस
एक माह पूर्व एसडीएम के नेतृत्व में हुई जांच में पकड़ा गया था अवैध नर्सिंग होम
एसीएमओ ने एसपी को लिखा पत्र, कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर उठाया सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जांच में पकड़े गए अवैध नर्सिंग होम संचालकों पर एक माह बाद भी कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है। हालांकि, छापेमारी के दिन ही एसडीएम की संस्तुति के बाद एसीएमओ ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दे दी थी। केस दर्ज करने में टाल-मटोल कर रही कोतवाली पुलिस के खिलाफ एसीएमओ ने एसपी को पत्र लिखा है।
सदर एसडीएम दिनेश मिश्रा और एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सितंबर में अभियान चलाकर अल्ट्रासाउंड सेंटरों और नर्सिंग होम पर कार्रवाई हुई। जांच के दौरान राघव नगर के उज्ज्वल अस्पताल, मछली हट्टा का डेंटल क्लीनिक केयर सेंटर और एक अल्ट्रासाउंड सेंटर अवैध मिले थे। एसडीएम ने वीडियोग्राफी कराने के बाद संचालकों पर केस दर्ज कराने के निर्देश दिए। एसीएमओ ने कोतवाली पुलिस को अस्पताल और जांच घरों के संचालकों पर केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। अभी तक कोतवाली पुलिस अवैध अस्पताल संचालकों पर केस दर्ज नहीं किया है और नर्सिंगहोम व जांच केंद्र पुन: संचालित होने लगे हैं। एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कोतवाली पुलिस तहरीर देने के बाद भी केस दर्ज नहीं किया है। एसपी को इसके लिए पत्र लिखा गया है, जबकि छापेमारी के दौरान कोतवाली पुलिस भी मौजूद रही।