नगर के पूर्वी बाईपास पर हुए सड़क हादसे में एक मां ने अपने जिगर के टुकडे को खो दिया। एक मां के लिए इससे बड़ी बेबसी, लाचारी क्या होगी कि वह अपनी आंखों के सामने ही अपने आंखों के लाल को मरता हुआ देखे। हादसे में घायल मासूम ने मां की गोद में ही तड़पकर दम दम तोड़ दिया।
टैंपो चालक की जरा सी लापरवाही ने एक गोरखपुर जनपद के गजपुर के रहने वाले एक परिवार को ताउम्र कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया। कहां तो मां अपने एक बेटे का इलाज कराने जा रही थी। और कहां एक हादसे ने उसके दूसरे बच्चे सदा-सदा के लिए उससे दूर कर दिया।
सड़क हादसे में आंखों के सामने बेटे को लहुलूहान होता देख मां रफीकुल बदहवास थी। वह उस पल को कोस रही थी कि किसलिए वह दोनोंं बच्चों को लेकर इलाज कराने बाइक से जा रही थी। दुर्घटना में सिर पर गंभीर चोट होने से एजाज की मौके पर ही मौत हो गई थी, लेकिन मां अपने बेटे को गोद से चिपकाए ही अस्पताल पहुंची। मां-बेटे की चित्कार से अस्पताल में मौजूद लोगों की आखें भी भर आईं।
डॉक्टर की जांच करने के बाद भी मां को एहसास हो रहा था कि उसका बेटा अभी जिंदा है और उठकर उसे मां कहते हुए गले से लिपट जाएगा। वह घायल बेटे उस्मान को लेकर बार-बार चिकित्सक से मृतक बेटे एजाज का उपचार करने को बोल रही थी। मां को रोता देख बड़ा भाई उस्मान भी दहाड़े मार कर रोने लगा।
रफीकुल को यह यकीन ही नहीं हो रहा था कि अब दोबारा उसका लाल कभी उसके सामने नहीं आएगा। रोते-रोते वह बेहोश हो जा रही थी। लोगों ने बड़ी मुश्किल से मां से बेटे का शव अलग किया। अस्पताल में मौजूद हर कोई इस घटना को लेकर नियती को कोस रहा था।