जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार के अंक में अमर उजाला समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित गोआश्रय केंद्रों की पड़ताल की खबर को गंभीरता से लिया है। उन्होंने विभिन्न जनपद स्तरीय अधिकारियों से गो-आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर गोवंशों को ठंड से बचाव की व्यवस्था करने को कहा है। डीएम ने बताया कि जनपद के सभी गोआश्रय स्थलों में जरूरी सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम की सख्ती के बाद सुबह एसडीएम सदर सौरभ सिंह ने पिपरा चन्द्रभान स्थित वृहत गो आश्रय स्थल एवं पिपरपाती स्थित निराश्रित गो आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि शीतलहर से बचाव के लिए दोनों गोआश्रय स्थलों पर तिरपाल लगाया गया है। सभी गोवंशों को काऊ कोट पहनाया गया था। उन्होंने गोवंशों की संख्या के अनुपात में सुबह-शाम अलाव जलाने के निर्देश दिए।
एसडीएम सलेमपुर अरुण कुमार ने मझौलीराज स्थित वृहत गो आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। इसमें कुछ गोवंश बिना काऊ कोट के मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने समस्त गोवंशों को काऊ कोट पहनाने के लिए निर्देशित किया। एसडीएम ने बीमार गोवंशों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
सुबह-शाम अलाव जलाने का निर्देश
एसडीएम रुद्रपुर ध्रुव कुमार शुक्ला ने जिला पंचायत की ओर से संचालित नकइल स्थित गोशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मिली स्थिति में पर्याप्त सुधार के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि दिन में दो बार सुबह-शाम अलाव जलाने एवं सभी गोवंशों को काऊ कोट पहनाने के लिए निर्देशित किया।
बीडीओ भागलपुर निरंकार मिश्रा ने परसिया चंदौर में कान्हा गोशाला का निरीक्षण किया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अरविंद कुमार वैश्य ने बताया कि जिलाधिकारी महोदय के निर्देशों के क्रम में ठंड के दृष्टिगत समस्त गोआश्रय स्थलों पर विशेष एहतियात बरती जा रही है। समस्त गोआश्रय स्थलों पर रोस्टरवार चिकित्सक जा रहे हैं। यदि कहीं कोई गोवंश बीमार मिल रहा है तो उसका समुचित इलाज किया जा रहा।
ग्राम चौपाल में पहुंचे खंड विकास अधिकारी, जाना हाल
सलेमपुर ब्लॉक के मलकौली गांव में शुक्रवार को खंड विकास अधिकारी आनंद प्रकाश की देखरेख में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें ग्राम स्तर विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। ग्राम चौपाल को संबोधित करते हुए खंड विकास अधिकारी ने कहा कि गांव में किसी प्रकार की कोई समस्या होती है तो प्रधान या ग्राम पंचायत अधिकारी से तत्काल संपर्क करें। इसके बाद ग्रामीणों ने जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र के लिए इधर-उधर भटकने की बात कही।
इसे गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी ने तत्काल लेखपाल को इस तरह की किसी भी समस्या का तुरंत निस्तारण करने को कहा। साथ ही उन्होंने लेखपाल व ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि गांव स्तर के मामले को गांव में ही निस्तारण करें। बैठक में एपीओ अभिषेक, ग्राम पंचायत अधिकारी आदिती दुबे, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दिग्विजय नाथ तिवारी, सुमंत पांडेय, ऋषिकेश आदि मौजूद रहे।