भाटपाररानी। कृषि विज्ञान केंद्र मल्हनी के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा सोमवार को विकास खंड भाटपार रानी के ग्राम ततायर खुर्द में मूंग की उन्नत खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
केंद्र के वैज्ञानिक डा. कमलेश मीना ने कहा कि गेहूं की कटाई के पश्चात मूंग की खेती करना खेत की मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ गर्मी के समय में अच्छी आमदनी प्राप्त करने का अच्छा स्रोत है। इसकी गांठों में उपस्थित राइजोबियम जीवाणुओं द्वारा मृदा की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डा. रजनीश श्रीवास्तव ने कहा कि गर्मियों में लोबिया की खेती करने से भी मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार होता है।
केंद्र के गृह विज्ञान विशेषज्ञ जय कुमार ने बताया कि किसानों को खाली पड़े खेत में किचन गार्डन लगाकर रसायन मुक्त सब्जियों का उत्पादन कर घरेलू उपयोग किया जा सकता है। इस दौरान शरद चंद्र राय, राजाराम कुशवाहा, राजकिशोर कुशवाहा,सत्य प्रकाश कुशवाहा, संजय कुशवाहा, जितेंद्र कुशवाहा, प्रकाश कुशवाहा आदि मौजूद रहे। संवाद