उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ.आनंदेश्वर पांडेय
देवरिया। उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ.आनंदेश्वर पांडेय ने कहा कि भारतीय कुश्ती संघ प्रकरण में सोची समझी साजिश के तहत खिलाड़ियों ने जिम्मेदारों को बदनाम करने की कोशिश की है। कुश्ती में पहले हरियाणा का राज था, लेकिन इधर कुछ सालों से संघ के अध्यक्ष की देखरेख में अच्छा कार्य हो रहा था। लेकिन वहां के खिलाड़ी अब संगठन में अपना आधिपत्य जमाने के लिए पदाधिकारियों पर विभिन्न आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए।
वह शनिवार को जिला ओलंपिक संघ की ओर से राघवनगर में आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जब सीनियर खिलाड़ी ही खेल में रहेंगे तो नए खिलाड़ियों को मौका कैसे मिलेगा। एक अखाड़े से संबंधित लोग ही अपना वर्चस्व जमाने के लिए हरियाणा के खिलाड़ियों को बरगलाकर कुश्ती संघ के पदाधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर दिए। अगर कोई आरोप था ही तो उन्हें पुलिस या सही मंच के सामने जाना चाहिए था। आगे कहा कि हमारे यहां कहा जाता है कि खिलाड़ी पदक नहीं लाते। इसका मुख्य कारण यही है कि हमारे यहां खेल संस्कृति का अभाव है। स्कूल-कॉलेजों में ग्राउंड तक नहीं रह गया है। जबकि विदेशों में दो से तीन साल के बच्चों को भी अभिभावक नियमित रूप से कोई न कोई खेल प्रशिक्षण सिखाने में लग जाते हैं। हमारे यहां हरियाणा राज्य में खेलों के विकास के लिए अच्छा कार्य किया गया है। पदक जीतकर आने वाले खिलाड़ियों को सरकार की ओर से नौकरी, प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस दौरान जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष संजय केडिया, महासचिव अजय जायसवाल, क्रीड़ाधिकारी राज नारायण प्रसाद, रवि कुमार, गिरीश सिंह, अमित पांडेय, दिवाकर मणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।