भारत मां को डायन कभी नहीं कहा : आजम
देवरिया। सपा के कद्दावर नेता आजम खां ने जनसभा में अपने ऊपर लगने वाले आरोपों का जवाब दिया। कहा, मुल्क को मादरे वतन कहते हैं, ऐसे में मैं डायन कैसे कह सकता हूं। मुसलमान तालीम में पिछड़ गए तो देश को फिर मिसाइलमैन अब्दुल कलाम जैसा दूसरा नहीं मिलेगा।
सोमवार को सिरसिया की जनसभा में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के लैपटॉप वितरण में मुसलमानों की भागीदारी के सवाल पर चिंता जताई और भाजपाइयों से सचेत रहने की अपील की। भाषण के दौरान आजम ने हिंदू बच्चों-भाइयों कहकर संबोधित किया। बोले, हिंदू और मुसलमान आपस में लड़ेंगे तो नुकसान दोनों का होगा। यहां पर मंदिर-मस्जिद की दीवार बराबर है।
रस्म-रिवाज एक जैसे हैं। चांद देखकर दोनों मजहब के लोग त्योहार मनाते हैं। जलियावाला बाग में मरने वालों में 40 प्रतिशत थे। अंतिम मुगल शासक बहादुर शाह जफर को आजादी की मांग के लिए रंगून में कैद कर दिया गया था। उनके बेटों के साथ ज्यादती किसी से छिपी नहीं है। आजम ने कहा कि कोई भी मजहब नफरत का पैगाम नहीं देता।
मेरे नबी का फरमान है कि तुम्हारा पड़ोसी अगर भूखा है और तुमने खाना खा लिया तो तुम्हारा खाना हराम है। इस्लाम को मानने वाला हूं क्या मैं किसी को मार सकता हूं। कुरआन के एक-एक नुक्ते पर मेरा यकीन है।