भागलपुर के देवसियां में कटान रोधी कार्य नदी में हो रहा विलीन
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कटान रोधी कार्य अधूरा छोड़ भागा ठेकेदार
देवसिया गांव के सामने जो कार्य हुआ वह भी नदी में हो रहा विलीन
अमर उजाला ब्यूरो
भागलपुर। सरयू नदी का पानी बढ़ने के चलते कटानरोधी कार्य ठप हो गया। ठेकेदार और विभाग काम को अधूरा छोड़कर चले गए। जो काम हुआ है वह बारिश और बाढ़ के पानी में विलीन हो रहा है।
ब्लॉक के देवसिया और छित्तूपुर गांव के सामने सरयू नदी के कटान को रोकने के लिए तीन साल पहले लखनऊ से आई टीम ने नदी के तटवर्ती गांव देवसिया और छित्तूपुर को डेंजर जोन माना था। टीम ने कहा था कि उक्त स्थान पर कटानरोधी कार्य नहीं कराए गए तो कभी भी दोनों गांव और भागलपुर-मईल मार्ग कटान की जद में आ सकता है। पूर्व में कराए गए कार्यों के बीच दो स्पर बंधे और बोल्डर से लांचिंग पिचिंग का कार्य हुआ। 4 करोड़ 80 लाख की धनराशि स्वीकृत भी कर दी गई। कटानरोधी कार्य मार्च से शुरू कर मई तक पूरा कर लिया जाता है। वह कटानरोधी कार्य मई में शुरू कराया गया। दोनों स्पर बंधे पर मिट्टी का कार्य हुआ और बोल्डर से पिचिंग का आधा कार्य हुआ था। इसी बीच नदी का पानी बढ़ना शुरू हो गया। ठेकेदार और विभाग काम को अधूरा छोड़ कर चले गए। जो काम हुआ है, वह बारिश और बाढ़ की पानी में विलीन हो रहा है। तटवर्ती लोगों का कहना है कि जब बाढ़ आती है तो विभाग जागता है ताकि रकम की बंदरबांट हो सके। विभाग द्वारा जो कटानरोधी कार्य कराया गया वह बारिश और बाढ़ की पानी में विलीन हो रहा है। तटवर्ती गांव के मुन्ना सिंह, राकेश सिंह, टुनटुन सिंह, नाथू यादव, विन्ध्याचल यादव, हीरा गोड़, भरत सिंह, अंतेश सिंह, दरोगा सिंह, मनीष सिंह आदि लोगों का कहना है कि जब बाढ़ आती है तो प्रशासन जागता है। काम पहले शुरू किया गया होता तो 15 जून तक पूरा कर लिया जाता। इस बाबत बाढ़ विभाग के जेई एनपी सिंह ने बताया कि ठेकेदार द्वारा की गई लापरवाही से काम अधूरा रह गया। बाढ़ का पानी खत्म होते ही दोनों स्पर बंधे का कार्य पूरा करा दिया जाएगा।