देवरिया। तंगहाल हो चुकी नगरपालिका शहर को दुधिया रोशनी देने में नाकाम है। अब तक दो हजार पोल पर ही एलईडी लाइट लग पाए हैं। बाकी 4580 स्थानों पर पुराने जर्जर लाइट पोल की शोभा बढ़ा रहे हैं।
बीते साल नगरपालिका की ओर से 65 सौ पोल पथ प्रकाश के लिए चिह्नित किए गए हैं। इनमें 4680 पोल पर लगी सोडियम मर्करी व सीएफएल को हटाकर एलईडी लाइट लगाने के लिए आठ माह पूर्व शासनादेश आया। पथ प्रकाश से वंचित करीब 19 सौ पोल पर नया सेटप लगाने की कार्ययोजना तैयार की गई। बीते एक साल से तंगहाल हुई नगरपालिका मौजूदा वित्तीय वर्ष में बदहाली के आंसू रो रही है। न सरकार से अपेक्षित मदद मिल रही न अपने स्रोत के आय से खर्च चल पा रहा। निर्माण कार्य लगभग ठप हैं। आठ माह पूर्व पोल पर लगी पुरानी लाइटों को बदलकर एलईडी लगाने का शासनादेश आया, वह भी धनाभाव में परवान नहीं चढ़ पा रहा। वार्ड सदस्यों की मांग पूरी करने में नगरपालिका प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। अब तक 25 वार्डों में करीब दो हजार एलईडी बल्ब ही लगाए जा चुके हैं। बाकी 45 सौ से अधिक स्थानों पर एलईडी लगना बाकी है। इनमें ज्यादातर नई बस्तियां शामिल हैं। मुंशी गोरखनाथ मोहल्ला, चकियवां, देवरिया रामनाथ, देवरिया खास, रामगुलाम टोला पूर्वी, अंबेडकर नगर, भुजौली कॉलोनी आदि मोहल्लों में पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने से रात में लोगों को दिक्कत होती है।
टेंडर खुलना है बाकी
296 अदद के अलावा 14वें वित्त से पोल सहित 48 जगहों पर पथ प्रकाश के लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। ईओ के स्थानांतरण के चलते टेंडर नहीं खुल पाया है। नए ईओ के कार्यभार ग्रहण करने के बाद टेंडर खोला जाएगा।
अलका सिंह
नगरपालिका अध्यक्ष