देवरिया। किशोरी को अगवा कर रेप करने के मामले में दोषी पाए गए प्रधान और बीडीसी समेत तीन लोगों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों अभियुक्त को दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगा है। हाल में ही धुसवा गांव के कुबेरनाथ मद्धेशिया प्रधान और संजय पाल बीडीसी सदस्य चुने गए हैं।
कोतवाली के एक गांव की किशोरी बरहज के एक गांव अपने ननिहाल में बीमार नाना की देखभाल करने के लिए गई थी। 17 मई 2004 को धुसवा गांव के संजय पाल और दीनदयाल पाल बरहज उसके ननिहाल में गए। किशोरी की मां की तबीयत खराब होने के बहाने उसे साथ लेकर आए गए।
लेकिन उसके बाद से उसका पता नहीं चला। करीब 20 दिन बाद किशोरी घर लौटी। किशोरी ने मजिस्ट्रेट को बताया कि संजय पाल और दीनदयाल पाल उसे नाना के घर से ले गए। उसे एक कमरे में रखा। वहां कुबेर मद्धेशिया मौजूद थे। तीनों ने उसका कपड़ा उतारकर जोर जबरदस्ती की।
विरोध करने पर चाकू दिखाकर रेप किया। इसके बाद देवरिया से उसे दिल्ली ले गए। 15 दिन तक मुंह काला करते रहे। शादी करने का दवाब बनाने लगे। शादी करने से इंकार करने पर कुबेरनाथ ने मांग में सिंदूर भर दिया। कोर्ट में अभियुक्तगणों ने अपने को गलत तरीके से फंसाने की दलीलें दी। अभियोजन पक्ष ने अभियुक्तों को दोषी ठहराने के लिए सात साक्षीगणों को पेश किया। अपर जिला सत्र न्यायाधीश राजेंद्र त्रिपाठी के कोर्ट ने तीनों को रेप का दोषी पाया।