प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर सीएमओ डॉ. डीके सिंह और एसीएमओ डॉ. एसएन सिंह बृहस्पतिवार को सीएचसी गौरीबाजार और पीएचसी बैतालपुर पहुंचे। गौरीबाजार में हस्ताक्षर को संदिग्ध बताते हुए छह संविदा कर्मचारियों का वेतन बाधित कर दिया गया।
सीएमओ और एसीएमओ दोपहर 1:50 बजे सीएचसी गौरीबाजार पहुंचे। यहां डॉ. ऊषा गुप्ता और डॉ. सुनीता सिंह मरीज देख रही थीं। कुल 20 हाई रिस्क प्रेगनेंसी देखी गई थी। इनको आयरन की गोली खिलाई गई। आईसीटीसी मेें एचआईवी के 14 मरीज देखे गए थे, लेकिन कोई पाजिटिव नहीं था।
उपस्थिति पंजिका में छह संविदा कर्मचारियों का हस्ताक्षर संदिग्ध लगे। सभी का वेतन बाधित करते हुए पूरा हस्ताक्षर करने का निर्देश दिया गया। जेएसवाई की खराब स्थिति पर अधीक्षक इंद्रदेव गौरव का वेतन बाधित कर दिया गया।
यहां के वाहन चालक रामचंद्र को तीन दिन मुख्यालय पर कार्य करने के लिए आदेश दिया गया। इसके बाद दोनों अधिकारी पीएचसी बैतालपुर पहुंचे। संविदा कर्मचारी पंचदेव यादव, , पवन बरनवाल, पूर्णिमा वर्मा, आद्या कुमार पांडेय, विभा सिंह अनुपस्थिति मिले। ये लोग लोग कई दिन से नहीं आ रहे हैं।सभी का वेतन काटते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
यहां 11 गर्भवती की जांच हुई थी, लेकिन कोई हाईरिस्क का नहीं था। प्रसव कक्ष की स्थिति खराब थी, इस पर प्रभारी चिकित्साधिकारी का वेतन बाधित कर दिया गया। डॉ. अजय दुबे ओपीडी में मात्र चार मरीज देखे थे, उनका वेतन काटते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है।