देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज में मरीजों की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। मेडिकल काॅलेज की स्थापना से लेकर अब तक परिसर में महत्वपूर्ण जगहों पर सीसीटीवी कैमरे का अभाव है।
यह हालात तब है जब बीते छह अक्तूबर को मेडिकल काॅलेज की ओपीडी बिल्डिंग के पानी की टंकी में एक व्यक्ति की लाश मिल चुकी है।
शहर में मेडिकल कॉलेज करीब 27 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें प्रशासनिक भवन, ओपीडी बिल्डिंग, इमरजेंसी, पुराना जिला अस्पताल भवन, एमसीएच बिल्डिंग के अलावा चिकित्सा शिक्षकों और पैरा मेडिकल स्टॉफ के आवासीय परिसर भी स्थित हैं।
मेडिकल काॅलेज में रोजाना दो हजार के करीब मरीज आते हैं। परिसर में प्रवेश वाले किसी द्वार पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं।
इमरजेंसी भवन पर कैमरे लगे हैं पर एमसीएच बिल्डिंग साइड वाले मेन गेट और एमसीएच बिल्डिंग के प्रवेश द्वार पर कैमरे नहीं लगे हैं। अंदर भी कहीं कैमरा नहीं लगा है। इस भवन में स्त्री व प्रसूति रोग विभाग की ओपीडी, लेबर रूम और ओटी है। तीसरे तल पर नवजात बच्चों के लिए बना एसएनसीयू भी है। इसके अलावा भूतल पर बाल रोग विभाग की ओपीडी स्थित है पर यहां भी कैमरे नहीं लगे हैं। कुछ सुरक्षाकर्मी यहां तैनात रहते हैं।
अस्पताल के लिए बने इमरजेंसी वाले रास्ते पर इमरजेंसी के बाहर कैमरे लगे हैं। अंदर कोई कैमरा नहीं है। गोलंबर के पास लगा कैमरा भी अब नहीं है।
पुराना जिला अस्पताल परिसर में बने पीआईसीयू, केंद्रीय औषधि भंडार, एक्सरे कक्ष और सिटी स्कैन कक्ष के पास कोई कैमरा नहीं है। ओपीडी बिल्डिंग में एक प्रवेश द्वार पर और एक अंदर कैमरा लगा हुआ है।
अंदर के हाल में एक कैमरे हैं। पर ऊपर जाने वाले रास्तों पर या वार्ड के गैलरी में कहीं भी किसी तल पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। पानी की टंकी में शव मिलने की घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के सहारे घटना का राज खोलने की कोशिश की पर सफलता नहीं मिली। इस घटना के दो माह बीतने को हैं पर अभी भी काॅलेज प्रशासन कैमरे नहीं लगवा सका है।