निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती संध्या
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संध्या को मौत के करीब पहुंचाने वाली तथाकथित डॉक्टर पर पहले भी कई आरोप लग चुके हैं। इलाज में लापरवाही और मरीजों की मौत होने की शिकायतों पर निजी अस्पताल को सील भी किया जा चुका है। लेकिन, फिर भी कुछ दिन बंद होने के बाद अस्पताल का संचालन आराम से चलते रहता।
ऐसे ही ये मामला संध्या देवी का है। प्रसव पीड़ा के बाद उनके परिजनों ने एक आशा के दबाव में पथरदेवा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था जहां आपरेशन के दौरान उसके बच्चेदानी और पेशाब नली को डॉक्टर ने टांका लगा के एक साथ सिल दिया।
अब इसकी हालत गंभीर बनी हुई है। परिजन उपचार के लिए संध्या को गोरखपुर लेकर आए, जहां एक निजी अस्पताल में वो जिंदगी और मौत से जूझ रही है। वहीं, आरोप पर सीएमओ ने इस प्रकरण के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच शुरू करवा दी है।
थाना क्षेत्र के पांडेयपुर मुड़ेरा निवासी रामसागर पटेल की पुत्र बधू संध्या को प्रसव पीड़ा हुई। आरोप है कि परिजन एक आशा के दबाव में पथरदेवा के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल की तथाकथित महिला डॉक्टर ने आपरेशन किया, जिससे संध्या को बच्ची पैदा हुई।
आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही कर दी। बच्चेदानी और पेशाब की नली को एक साथ टांका लगाकर सिल दिया। महिला को पेशाब आना बंद हो गया। हालत गंभीर होता देख महिला डॉक्टर ने उसे रेफर भी कर दिया।
परिजन लेकर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से निजी अस्पतालों का चक्कर काट रहे हैं। इसी बीच एक निजी अस्पताल में परिजनों ने संध्या को भर्ती करवा दिया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। संध्या के ससुर रामसागर पुलिस अधीक्षक सहित सभी उचाधिकारियों से निजी अस्पताल की शिकायत करते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं। रामसागर ने कहा की वह महिला तथाकथित डॉक्टर मेरी कोई मदद नही कर रही और धमकी भी दे रही है।