देर रात को राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम सलेमपुर सीएचसी के इमरजेंसी वार्ड में जांच करती
सीएचसी में आवास नहीं मिलने पर देवरिया से आती-जाती हैं महिला चिकित्सक हर्षिता श्रीवास्तव
राज्य मंत्री ने सीएमओ से फोन पर तत्काल महिला चिकित्सक को आवास उपलब्ध कराने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम मंगलवार की देर रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इमरजेंसी व महिला वार्ड के साथ कैंपस में डॉक्टरों के लिए आवंटित आवास को देखा। अधीक्षक समेत तीन डॉक्टरों के कमरे में ताला बंद देख नाराजगी जताई। इसी बीच किसी ने बताया कि जिन डॉक्टरों को आवास आवंटित किया गया है। उनमें से एक डॉक्टर को छोड़कर कोई चिकित्सक रात में यहां नहीं रुकता है, जबकि आवास के अभाव में एक महिला डॉक्टर जनपद मुख्यालय से आती-जाती हैं। यह बात सुनकर राज्यमंत्री नाराज हो गईं और सीएमओ को फोन कर तत्काल महिला डॉक्टर को आवास उपलब्ध कराने को कहा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की मनमानी को लेकर लगातार मिल रही शिकायत के बाद मंगलवार देर रात राज्यमंत्री ने औचक निरीक्षण किया। राज्यमंत्री के अस्पताल में उतरते देख कैंपस में टहल रहे इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉ. अरुण कुमार, चीफ फार्मासिस्ट पीएन सिंह व वार्ड ब्वाय धीरज दुबे अपने कक्ष में पहुंचे। राज्यमंत्री ने ड्यूटी चार्ट की मांगा। जांच के बाद महिला वार्ड का भ्रमण की। इस दौरान महिला वार्ड में एएनएम उर्मिला बैठी मिलीं, जबकि ड्यूटी पर तैनात अन्य स्टाफ नर्स मौजूद नहीं थी। जानकारी होने के करीब आधे घंटे बाद ड्यूटी में तैनात अन्य स्टाफ नर्स पहुंचीं। साथ ही उन्होंने डॉक्टरों के आवास का निरीक्षण किया। इसमें डॉ. राजेश कुमार के आवास को छोड़कर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अतुल कुमार, डॉ. नरेंद्र मोहन, डॉ. अजीत कुमार के आवास पर ताला बंद मिला। वहीं एक आवास के बाहर भटक रहे कुछ मरीज दिखे। उन्होंने जानकारी ली तो वहां मौजूद लोगों ने बताया कि नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझौलीराज के चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक कुमार का आवास है। पीएचसी पर सरकारी आवास है, लेकिन वहां नहीं रहते हैं। प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए वह सीएससी परिसर में ही रहते हैं। इसकी कई बार शिकायत की गई है, लेकिन विभाग इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता है। जबकि आवास के अभाव में महिला डॉ. हर्षिता श्रीवास्तव देवरिया से आती जाती हैं। लोगों की बात सुनकर राज्य मंत्री ने सीएमओ से बात की। उन्होंने दूसरी जगह तैनात डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों से आवास खाली कराकर यहां के कर्मचारियों को आवास उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही तत्काल गाइनी की सर्जन डॉ. हर्षिता श्रीवास्तव को आवास देने को कहा। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीराम यादव, राजीव मिश्र, सभासद शाहबाज आलम, अवधेश यादव, मुन्ना आदि मौजूद रहे।