देवरिया/बघौचघाट। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बुधवार को पथरदेवा, रामपुर कारखाना, तरकुलवा के पीएचसी-सीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान 8 डॉक्टर समेत 35 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सभी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में अनियमितता मिली। गंदगी का ढेर, पंखा न चलने और प्रसव के बाद बच्चों का टीकाकरण न कराने पर कड़ी नाराजगी जताई।
सीएमओ पहले रामपुर कारखाना पीएचसी पहुंचे। यहां चार चिकित्सक समेत 17 कर्मचारी अनुपस्थित रहे। इसके बाद साढ़े आठ बजे पथरदेवा सीएचसी पहुंचे। वहां परिसर मेें गंदगी और बिस्तर की स्थिति देख भड़क गए। हाजिरी रजिस्टर की जांच करते हुए वार्डों में पहुंच गए। कमरे में पंखा नहीं चल रहा था। पेयजल सुविधा भी नहीं थी। भर्ती वार्ड में कोई मरीज नहीं था। यहां बेड पर चदर और ऑक्सीजन सिलिंडर भी उपलब्ध नहीं मिला। स्टॉफ नर्सों बच्चों के टीकाकरण की जानकारी ली। रजिस्टर की जांच में पूरे साल में जन्म लेने वाले एक भी बच्चे का टीकाकरण नहीं हुआ था। नर्सों ने बताया कि टीका पीएचसी पर लगता है। सीएमओ जब पीएचसी पहुंचे और टीकाकरण की पड़ताल की तो वहां सीएचसी से किसी को भी टीकाकरण के लिए न भेजे जाने की बात सामने आई। नाराज सीएमओ ने नर्सों का वेतन रोकने और मामले की जांच कराने का निर्देश दिया। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। प्रभारी चिकित्साधिकारी समेत 25 कर्मचारी अनुपस्थिति मिले। उनका वेतन रोकने का निर्देश देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। अप्रैल में डिलेवरी के बाद मरीजों और आशाओं के भुगतान की जांच में 56 मरीजों को पैसा न मिलने की बात सामने आई। सीएमओ ने जांच के निर्देश दिए। लेबर रम और जच्चा-बच्चा वार्ड में गंदगी पर वहां तैनात स्वीपर को हटाने को कहा। वार्ड में भर्ती महिलाओं से पूछताछ में मरीजों ने बताया कि उन्हें किसी प्रकार का नाश्ता-भोजन नहीं मिला है। अंत में तरकुलवा सीएचसी में चिकित्साधिकारी समेत तीन कर्मचारी अनुपस्थित रहे। यहां बीपीएम रितेश कुमार का मानदेय भुगतान रोकने की संस्तुति दी।
---
बाहर से दवा लिखने पर भड़के सीएमओ
बघौचघाट। पथरदेवा सीएचसी के डॉक्टरों के बाहर से दवा लिखने की खबर अमर उजाला ने 9 जून के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेते हुए सीएमओ ने बुधवार को निरीक्षण में डॉक्टरों को कड़ी हिदायत दी। किसी भी हाल में बाहर की दवा न लिखने और एमआर से ओपीडी खत्म होने पर दो बजे के बाद ही मिलने का निर्देश दिया। कहा कि अस्पताल में जब सभी दवाएं उपलब्ध है तो बाहर की दवा क्यों लिखी जा रही है। दोबारा शिकायत मिली तो संबंधित चिकित्सक पर कार्रवाई होगी।
---
निरीक्षण में यह रहे अनुपस्थित
रामपुर कारखाना पीएचसी पर चिकित्साधिकारी डॉ.आरपी पटवर्धन, डॉ.तैयब अली, डॉ.सरोज शर्मा, डॉ.पल्लवी श्रीवास्तव, फार्मासिस्ट सुमंत राय, विशाल भारती, राकेश कुमार, एलटी दिनेश सिंह, एनएमएस बृजेश शुक्ला, एचएस मोती सिंह, मोहन लाल, केशर नाथ, रामसमुझ, अमित दुबे, दुर्गेश कुमार, मुन्नी राय, पथरदेवा सीएचसी पर चिकित्साधिकारी डॉ.अमित कुमार,डॉ.मो.आरिफ, एलटी सुशील कुमार, मो.जफरुद्दीन अली, पथरदेवा पीएचसी पर स्टाफ नर्स मनीषा खरवार, नेहा मिश्र, नीलम, डीईओ संतोष सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.एके सिंह, एएनएम मालती देवी, बीएचडब्लू अब्दुल कादिर अंसारी, इश्वेंद्र, अजय यादव, तरकुलवा सीएचसी पर चिकित्साधिकारी डॉ.पूजा कुमार, एमएमएस सत्यदेव पांडेय, स्टाफ नर्स प्रियंका सिंह अनुपस्थित रही।