देवरिया में प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को झटका लग रहा है। गांवों में तैनात अधिकांश सफाई कर्मचारी गांवों में साफ सफाई न कर जिला मुख्यालय पर घूमते नजर आ रहे हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी ने सफाई कर्मचारियों के इस लापरवाह रवैये को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सभी ब्लॉकों के एडीओ पंचायत को पत्र लिखकर सख्त चेतावनी जारी की है।
जिले के 1190 ग्राम पंचायतों में कुल 2178 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। महज 38 पद खाली हैं। सफाई कर्मचारियों की अच्छी खासी संख्या होने के बावजूद गांवों की साफ सफाई नहीं हो पा रही है। गांवों में सार्वजनिक जगहों पर कूड़े का ढेर और गंदगी सच्चाई बयां कर रही है।
डीपीआरओ डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि सफाई कर्मचारी अपने तैनाती स्थान पर कार्य न करते ह़ुए बिना सहायक विकास अधिकारी पंचायत की अनुमति के ही विकास भवन परिसर में प्राय: घूमते नजर आते हैं। जो अत्यंत निंदनीय है। एडीओ पंचायत को निर्देश दिया है कि ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मचारियों से सफाई नियमित रूप से कराएं। इसकी समीक्षा करें। उनका पेरोल प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में उपलब्ध करा दें।