थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने गांव के प्रधान के पति पर बागीचे में खिंचकर लेजाकर छेड़खानी करने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं विरोध करने और उलाहना देने पर पूरे परिवार के साथ मारपीट करने का भी आरोप है। घटना करीब ढाई माह पहले की बताई जा रही है। पीड़िता तभी से केस दर्ज कराने के लिए थाने का चक्कर लगा रही है।
हालांकि पुलिस मामले को नजर अंदाज कर रही है। पीड़िता एसपी से लेकर सीएम पोर्टल तक शिकायत की है। यह मामला सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है। उधर, पुलिस का कहना है कि पीड़िता के परिवार वालों ने मारपीट किया था। जिसका केस दर्ज है। उसी को लेकर ऐसा किया जा रहा है।
खुखुंदू थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक महिला बीते माह 27 जून को घर से अपने बागीचे में आम की रखवाली करने जा रही थी। तभी प्रधान के पति समेत अन्य लोग वहां पहुंचे और प्रधान के पति ने महिला का हाथ पकड़ उसे बागीचे में खिंच ले गए। आरोप है कि प्रधान के पति छेड़छाड़ करते हुए विरोध करने पर मारने-पीटने लगे।
उधर, जब महिला शोर मचाई तो सभी धमकी देते हुए भाग निकले। फिर उसने घर आकर आपबीती सुनाई। ससुर और पति उलाहना देने पहुंचे तो प्रधान के पति अपने समर्थकों के साथ मारपीट करने लगे। ससुर ने घटना की सूचना थाने पहुंच दी। आरोप है कि उल्टे पुलिस पीड़िता के परिवार पर ही केस दर्ज कर ली।
फिर भी पीड़िता कार्रवाई के लिए थाने का चक्कर लगाती रही। जब उसकी सुनवाई नहीं हुई तो उसने सीएम पोर्टल और एसपी संकल्प शर्मा से भी शिकायत की। फिर भी अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़िता का कहना है कि लगातार थाने का चक्कर लगा रही हूं। लेकिन पुलिस मेरी सुनने को तैयार नहीं है।
एसओ दिग्विजय सिंह ने बताया कि प्रधान के पति गांव पर काम करा रहे थे। उसी दौरान मारपीट हो गई। जिसके संबंध में पीड़िता के परिवार पर पहले से ही मारपीट और एससी-एसटी एक्ट का केस दर्ज है। अब पीड़िता का परिवार अपना केस दर्ज कराने के लिए ऐसा आरोप लगा रहा है।