नगवा गांव में किसान की मौत के मामले में शुक्रवार को परिजनों ने मृतक का शव रख कर सड़क जाम कर दिया। उन्होंने नरायनपुर-असवनपार मार्ग दो घंटे तक जाम रखा। पुलिस द्वारा गांव के ही पांच आरोपियों पर हत्या का अभियोग पंजीकृत होने के बाद ग्रामीणों ने सड़क से आवागमन बहाल होने दिया।
बृहस्पतिवार को किसान बंधे की तरफ भैंस चराने गया था कि उन पर जानलेवा हमला हो गया। शुरुआत में जंगली जानवर के हमला करने की चर्चा थी। नगवा गांव के रहने वाले रामानंद यादव 65 वर्ष खेती करते थे। उनके पांच बेटे विदेश में रहते है। बृहस्पतिवार को दिन में करीब 11 बजे वह भैंस चराने के लिए राप्ती नदी के किनारे मराछी स्थान के समीप गए थे।
उनके गले से लेकर पेट तक नुकीले धारदार से चोट के निशान बने थे। लोग उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज देवरिया ले गए। कुछ देर बाद ही किसान की मौत हो गई। पहले ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें किसी जंगली जानवर ने बुरी तरह से घायल कर दिया था, हालांकि किसी ने भी जानवर को नहीं देखा । मृतक के परिजनों ने पुरानी रंजिश में गांव के लोगों पर ही हत्या करने का आरोप लगाया। बृहस्पतिवार की देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा।
शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने सड़क जाम कर आरोपी पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी करने की मांग की। एसडीएम रत्नेश तिवारी और सीओ अंशूमन श्रीवास्तव ने सड़क जाम किए लोगों से बात की। परिजन पुलिस कार्रवाई पर अड़े रहे।
जिस पर पुलिस ने मृतक के बेटे धर्मेन्द्र यादव की तहरीर पर गांव के रामहरख यादव, रामलखन यादव, राजू यादव, मंटू यादव और गौतम यादव के खिलाफ केस दर्ज किया। सीओ अंशुमन श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों के गिरफ्तारी में जुटी है।