फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी, शिक्षक बर्खास्त
पूविवि की रिपोर्ट के बाद बनकटा के शिक्षक को दिया गया था नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे बनकटा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कुसुम्हाचक के सहायक अध्यापक द्विजेंद्र कुमार मिश्र को बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय सत्यापन के दौरान इनके स्नातक संबंधी अभिलेख फर्जी पाए गए हैं।
शुक्रवार को बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि 68500 सहायक अध्यापक भर्ती अभियान के अंतर्गत द्विजेंद्र कुमार मिश्र की नियुक्ति हुई थीं। नियुक्ति के दौरान अभ्यर्थी के प्रस्तुत समस्त शैक्षिक प्रमाण पत्रों के जांच क्रम में स्नातक योग्यता संबंधी अंक एवं प्रमाण पत्र का सत्यापन वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विवि जौनपुर से कराया गया। विश्वविद्यालय की ओर से मिली सूचना के अनुसार अवगत कराया गया है कि इनके स्नातक योग्यता से संबंधित विवरण सारणीयन पंजिका में अंकित नहीं है। संबंधित के स्नातक के अंकपत्र एवं प्रमाण पत्रों को कूटरचित एवं फर्जी तरीके से साजिश कर तैयार किया गया है। उनके फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने की पुष्टि हुई है। शिक्षक को कई बार अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। बीते 26 अक्टूबर को शिक्षक ने जो स्पष्टीकरण दिया है, उसके अनुसार उसने अपने प्रमाण पत्रों को सही बताया है। जबकि पुष्टि के लिए वह इस संबंध में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए। जबकि जौनपुर पूविवि के परीक्षा नियंत्रक ने अपने 24 अक्टूबर को भेजे पत्र में उनके प्रमाण पत्रों के अपुष्ट होने की जानकारी दी है। इसके बाद विभाग की ओर से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में विधिक कार्रवाई के लिए बनकटा बीईओ को निर्देश दिया गया है।
अभी और शिक्षकों की होगी बर्खास्तगी
फर्जी प्रमाण पत्रों के मामले में जिले में अब तक एक दर्जन से अधिक शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। अभी एसटीएफ की सूची में और भी शिक्षक है, जिनके प्रमाण पत्रों की जांच हो रही है। कुछ शिक्षकों ने नाम में हेरफेर कर पैनकार्ड में भी फर्जीवाड़ा किया है। अब इनके पैनकार्ड से अन्य जगहों पर भी वेतन निकलने की पुष्टि हो चुकी है। इस संबंध में एसटीएफ वित्त व लेखाधिकारी से पूछताछ भी कर चुकी है। ऐसे शिक्षकों खिलाफ भी जल्द ही बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी विभाग कर रहा है।