भटनी इलाके के एक घर की छत से कपड़ा उतारने व गेहूं की रखवाली करने गई महिला को बंदर ने धक्का दे दिया। घायल अवस्था में परिजन महिला को देवरिया स्थित मेडिकल कॉलेज में ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। पति व दो बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पीड़ित परिवार के पड़ोस से जा रही बरात का उत्साह भी फीका पड़ गया।
भटनी के उसका गांव निवासी बृजभान सिंह उर्फ दरोगा गांव में ही आटा चक्की चलाते है। शुक्रवार को उनकी पत्नी उषा देवी (45) छत पर गेहूं सूखने को डाली थी। शाम को करीब पांच बजे वह पड़ोस से जा रही बरात में परछावन करने जाने के लिए तैयार हुई। तभी छत पर बंदर आने की सूचना मिली।
वह छत पर चढ़कर गेहूं की रखवाली करते हुए सूखने को डाले गए कपड़े उतारने लगी। इसी दौरान एक बंदर ने उनको छत से धक्का दे दिया। इससे वह छत से गिरकर बेहोश हो गई। जानकारी पर परिजन उन्हें लेकर सीएचसी पहुंचे जहां स्थिति गम्भीर देख डॉक्टरों ने देवरिया स्थित मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
रात करीब साढ़े नौ बजे उषा देवी का इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला के मौत से पति बृजभान सिंह, बेटा विक्रांत और अखिलेश का रो-रो कर बुरा हाल है। सीओ भाटपाररानी शिव प्रताप सिंह ने बताया कि छत से बंदर के धक्का देने से महिला की मौत हुई है। परिजनों ने पोस्टमार्टम से इंकार कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।