मेडिकल कॉलेज की डिजिटल एक्स-रे मशीन नौ दिनों से खराब है। मरीजों को छोटे अंगों को छोड़कर अन्य एक्स-रे कराने के लिए बाहर के निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। जहां अस्पताल में फ्री में हो जाता था, अब उन्हें रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। मशीन नहीं चलने से मरीजों की प्लेट उनके साथ आए तीमारदारों को पकड़नी पड़ रही है। इससे उन्हें भी रेडिएशन का खतरा रहता है।
मेडिकल कॉलेज के डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर चेस्ट का एक्स-रे कराने भटनी क्षेत्र के चौरिया की गुड़िया पहुंची। साथ आए चाचा इंद्रबल के प्लेट पकड़ने पर एक्स-रे हुआ। इससे मरीज के साथ तीमारदार को भी रेडिएशन सहन करना पड़ा। इसी तरह जांच में अन्य मरीजों व तीमारदारों का भी यही हाल है। वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भटकना पड़ रहा है।
पोर्टेबल मशीन से काम चलाया जा रहा है। सीने का एक्स-रे कराने पर मरीज के साथ तीमारदार को भी रेडिएशन लग रहा है। एंड्रायड मोबाइल से फोटो खींचकर रिपोर्ट दी जा रही है। इससे तस्वीर स्पष्ट नहीं हो पा रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन दो से तीन दिन में मशीन ठीक होने का आश्वासन दे रहा है।
इससे कुछ मरीज इंतजार भी कर रहे हैं। इस मशीन के चालू होने से मरीजों को काफी सहूलियत होती।
नौ दिन से खराब है मशीन
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर 24 घंटे जांच की सुविधा है। पर नौ दिन से मशीन खराब है। मशीन का कोई पार्ट जल गया है। इससे इमेज नहीं बन पा रही है। इससे मरीजों को सुविधा का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वहीं, ओपीडी के आर्थो, चेस्ट, मेडिसिन सहित अन्य विभागों से डॉक्टर, मरीजों को एक्स-रे लिख रहे हैं। लेकिन, गर्दन, कमर, सीना, कूल्हा, कंधा, पेट आदि की जांच नहीं हो पा रही है। पोर्टेबल डिजिटल मशीन से किसी तरह काम चलाया जा रहा है।
एक्स-रे करने के बाद फिल्म नहीं मिल पा रही है। रिपोर्ट भी एंड्रायड मोबाइल पर दी जा रही है। वह भी स्पष्ट नहीं हो पा रही है। जिनके पास छोटा मोबाइल है, उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
मजबूरी में लोगों को बाहर प्राइवेट में जांच करानी पड़ी। यहां उन्हें 350 से 600 रुपये कीमत चुकानी पड़ी। धन खर्च करने में असमर्थ लोग मशीन ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। ये हर रोज अस्पताल का चक्कर लगा रहे हैं और निराश होकर लौट रहे हैं।
इंजीनियर बिना ठीक किए लौट गए
एक सप्ताह पहले शुक्रवार को गड़बड़ी दूर करने के लिए साइरेक्स कंपनी के इंजीनियर आए थे, लेकिन बिना ठीक किए चले गए। जबकि यहां लगी मशीन प्रोग्नोसिस कंपनी की है। दूसरे इंजीनियर को बुलाने की बात कही जा रही है, लेकिन एक सप्ताह बाद भी कोई दूसरा इंजीनियर अब तक नहीं आया। इसे ठीक कराने में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की गति भी कच्छप दिख रही है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
एसी न होने से गर्मी से मशीन हो जा रही थी बंद
डिजिटल एक्स-रे सेंटर में एसी न होने के कारण गर्मी के मौसम में मशीन गर्म हो जाती है। इससे काम करना बंद कर देती है। कुछ देर बंद करने के बाद फिर काम करती थी। यहां दो एसी लगी है। ये काफी महीनों से काम नहीं कर रही हैं। तापमान बढ़ने पर मशीन गर्म होकर बंद हो जाती है। पिछले साथ गर्मी में भी दिक्कत आ रही थी। लेकिन, एसी लगवाने को लेकर जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। इससे मरीजों को दिक्कत हो रही है।
सीएमएस एचके मिश्रा ने बताया कि डिजिटल एक्स-रे मशीन में खराबी आई है। उसे ठीक कराने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया था। वह देख कर गया है। जल्द आकर गड़बड़ी को दूर करेगा। दो से तीन दिन में जांच शुरू होने की संभावना है। इसके बाद मरीजों को जांच में आसानी हो जाएगी।