देवरिया। कंबाइन से गेहूं की मड़ाई के बाद खेत में अवशेष बचे डंठल को जलाने से जिले में आग लगने के मामले में सात गुना इजाफा हो गया है। एक अप्रैल से 21 अप्रैल के बीच में जिले में 822 घटनाएं रिकाॅर्ड की गई हैं।
इसी अवधि में पिछले साल महज 183 घटनाएं हुई थीं। यह स्थिति तब है, जबकि डंठल में लगी आग के चलते रुद्रपुर-पिंडरा मार्ग पर एक युवक की झुलसकर मौत हो चुकी है। वहीं देवरिया-गोरखपुर, देवरिया-हाटा और देवरिया-कसया मार्ग पर अलग-अलग दिन आवागमन तक रोकना पड़ा है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि डंठल जलाने से खेत की मिट्टी गर्म हो रही है। उसके सूक्ष्म जीव जल रहे हैं। इसका असर अगली फसल के उत्पादन पर पड़ना तय है।
जिले में पौने दो लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बुआई होती है। रुद्रपुर, सलेमपुर और बरहज में नदी के किनारे वाले इलाकों में गेहूं की अगेती प्रजाति की बुआई अधिक होती है। इसकी मड़ाई अप्रैल के