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ईदगाह रहे गुलजार, मुल्क की सलामती के लिए उठे हाथ

Tue, 13 Sep 2016 10:58 PM IST
देवरिया
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गले-मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। - फोटो : अनूप तिवारी
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देवरिया। ईद-उल-अज्हा शहर से लेकर देहात क्षेत्र में मनाया गया। इस दौरान भाईचारा कायम रखने पर जोर दिया गया। मुल्क की सलामती के लिए दुआएं मांगी गईं। गले-मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। नमाज की अदायगी के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ।
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15 सितंबर को मगरिब के पहले तक जानवरों की कुर्बानी दी जाएगी।  शहर के मुस्लिम बाहुल्य और देहात इलाके में फजिर की अजान के साथ हलचल शुरू हो गई। बच्चे, युवा और बुजुर्ग तैयारियों में जुट गए जबकि पकवान बनाने में महिलाएं जुट गईं। कुर्ता-पाजामा, टोपी और इत्र लगाकर लोग ईदगाह के लिए निकल पड़े। हर कोई तकबीर तशरीक़ पढ़ रहा था।

मालवीय रोड स्थित ईदगाह सुबह सात बजे तक खचाखच भर गया। जगह नहीं मिलने पर छत पर लोगों ने नमाज अदा की। मौलाना अशफाक अहमद कासमी ने कहा कि ईद उल अज्हा कुर्बानी का संदेश देता है। हर इबादत की बुनियाद इबादत इखलास है। किसी तरह का खोट न रखें। इस्लाम ऐसी चीजों को नापसंद करता है।
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तहसील रोड स्थित जामा मस्जिद में मौलाना अहमद रजा मिस्बाही ने कहा कि कुर्बानी का मायने अल्लाह की कुरबत हासिल करना। बच्चों को तालीम दिलाने के लिए कुर्बानी जरूरी है। जब तक कुर्बानी नहीं देंगे उस वक्त तक कौम की तरक्की नामुमकिन है। इसके अलावा सुरक्षा के मद्देनजर हर गली और नुक्कड़ पर पुलिस के जवान तैनात रहे।
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पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पल-पल का जायजा लेते रहे। तहसील रोड, अहमद नगर, अली नगर, बांस देवरिया, न्यू कॉलोनी आदि मोहल्लों में पुलिस गश्त करती रही।
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