झोपड़ी गिरने से बेटे की मौत, मां घायल
मिट्टी की दीवार तोड़कर ग्रामीणों ने मां-बेटे को बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया
तीन बकरियों की झोपड़ी में दबने से मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर कारखाना। मूसलाधार बारिश के चलते मिट्टी की दीवार पर बनी झोपड़ी शनिवार को गिर गई। झोपड़ी के नीचे मां-बेटे दब गए। कस्बा वासियों ने दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया। हालत गंभीर देखकर चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। जहां बेटे की मौत हो गई जबकि मां का इलाज चल रहा है। झोपड़ी के नीचे दबकर तीन बकरियों की मौत हो गई।
नगर पंचायत रामपुर कारखाना के आंबेडकर वार्ड निवासी धर्मेंद्र ने आबादी की जमीन में झोपड़ी बना रखी है। झोपड़ी की दीवार मिट्टी से बनी है। चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते झोपड़ी के चारों तरफ पानी लगा हुआ है। शनिवार को धर्मेंद्र की पत्नी सुनीता झोपड़ी के अंदर अपने दो वर्षीय बच्चे आर्यन को चारपाई पर दूध पिला रही थी। झोपड़ी में उसकी तीन बकरियां भी बंधी हुई थीं।
दोपहर में अचानक मिट्टी की दीवार चारपाई पर लेटे मां-बेटे के ऊपर गिर पड़ी। इसके चलते मां-बेटे और तीनों बकरियां झोपड़ी के नीचे दब गईं। आसपास के लोगों के शोर मचाने पर दर्जनों लोग जुट गए। झोपड़ी हटाने के बाद उन्हें मिट्टी की दीवार काटकर मां-बेटे को बाहर निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 15 से 20 मिनट तक फावड़े से मिट्टी हटाने के बाद ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला। कस्बा वासियों ने दोनों को ठेकेदार रंजीत कुमार के वाहन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी पहुंचाया। चिकित्सकों ने सदर अस्पताल भेज दिया। परिजन दोनों को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। जहां हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान आर्यन की मौत हो गई जबकि मां सुनीता का इलाज चल रहा है।