तेज हवा का हवाला देकर आपूर्ति की बाधित, जिम्मेदारों के नंबर बंद
तेज हवा का हवाला देकर खूब हो रही बिजली कटौती, हर रोज फुंक तीस ट्रांसफार्मर, उपभोक्ता हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तेज हवा का हवाला देकर शहर और देहात दोनों जगहों पर बिजली कटौती खूब हो रही है। जिला मुख्यालय के आसपास के करीब चार सौ गांवों की बिजली पूरी रात गुल रही है। वहीं शहर के आठ मोहल्लों की बिजली शुक्रवार सुबह से ही गायब रही है। निगम के अनुसार हर रोज करीब 30 से 35 ट्रांसफार्मर फुंक रहे, लेकिन वर्कशाॅप में मरम्मत महज दस की हो पा रही है। गर्मी के कारण लोग बेहाल हैं। बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे से सुबह आठ बजे तक भटवलिया उपकेंद्र से जुड़े दो सौ गांवों की बिजली कटी रही। करीब दस बजे बिजली आने के बाद फिर से तेज हवा होने का हवाला देकर बिजली काट दी गई। वहीं शुक्रवार की सुबह सिविल लाइंस, आईटीआई, सोंदा, महाराणा प्रताप नगर, उमानगर, देवरिया खास की बिजली सुबह सात बजे से 11 बजे तक लोकल फाल्ट के कारण गायब रही है। वहीं दूसरी ट्रांसफार्मर फुंकने के कारण शहर के पांच जगहों निगम मोबाइल ट्रांसफार्मर से काम चला रहा है।
भटनी में दो सौ गांवों की बिजली रही गुल
देवरिया। भटनी में दो दिन से सौ गांवों को बिजली नही मिली है। इससे क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। तेज हवा का हवाला देकर विद्युत निगम आपूर्ति बाधित कर दिया है। परेशान लोगों ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। बिजली नही मिलने से लोग भीषण गर्मी में एक-एक बूंद पानी को तरस गए हैं।
भटनी सब स्टेशन से नगर, रेलवे, देहात, बलुआ अफगान, घांटी बाजार और बैकुंठपुर फीडर को विद्युत सप्लाई की जाती है। पिछले बीस रोज पूर्व पुरनाछापर स्थित 132/33 उपकेंद्र के 20 एमबीए का ट्रांसफार्मर जलने से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था बेपटरी हो गई है। ट्रांसफार्मर जलने के बाद से दो-दो घण्टे के रोस्टर के हिसाब से सभी फीडरों को बिजली आपूर्ति हो रही थी। तभी तीन दिन से लगातार चल रही तेज हवा के झोकों ने क्षेत्र की बत्ती गुल कर दी है। दो दिन से सभी फीडरों से जुड़े करीब सौ गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित है। लोग पानी और मोबाइल चार्ज कराने को भटक रहे है। बिजली नही मिलने से खासकर महिलाओं और छोटे बच्चों को बहुत दिक्कत हो रही है। क्षेत्र के सकरापार, जिगिना मिश्र, बेहराडाबर, कुरमौटा ठाकुर, भरहेचौरा, उसका, छपिया जयदेव, सवरेजी समेत सौ गांव के लोगों ने बिजली समस्या को लेकर व्यापक आंदोलन करने की चेतावनी दी है। अवर अभियंता शक्ति कुमार सिंह ने बताया कि 132/33 उपकेंद्र का बीस एमबीए का ट्रांसफार्मर जलने से ओवरलोड की स्थिति हो गई है। इसके अलावा तेज पछुआ हवा चलने से भी बिजली आपूर्ति में दिक्कत हो रही है।
तरकुलवा में 15 घंटे बाद मिली बिजली, फिर हुई गुल
भीषण गर्मी में बिजली कटौती ने भी रिकाॅर्ड तोड़ दिया है। मेन लाइन में खराबी के चलते तरकुलवा सबस्टेशन की सप्लाई बृहस्पतिवार सुबह कटी तो 15 घंटॆ बाद रात्रि एक बजे के करीब बिजली मिली। फिर शुक्रवार को दोपहर से 11 बजे से आपूर्ति ठप है। भीषण गर्मी में बिजली न होने के कारण 350 गांवों की पांच लाख की आबादी बेहाल हो गई है। वहीं बिजली निगम के अधिकारी बिजली कटौती का अलग-अलग वजह बता रहे हैं। जर्जर लाइनों और मेन लाइन में बार-बार आ रही खराबी को बिजली आपूर्ति ठप होने का कारण बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि तेज रफ्तार से चल रही हवा के चलते बिजली काटी गई है। फिलहाल 33/11 तरकुलवा बिजली सबस्टेशन से 350 गांवों के लगभग पांच लाख की आबादी को बिजली सप्लाई की जाती है। इस सब स्टेशन की मेन सप्लाई कुशीनगर जिले कसया पॉवर हाउस से होती है। कसया से आने वाली 33 केवीए मेन लाइन में आए दिन खराबी, ब्रेकडाउन, हाईटेंशन तारों के टूटकर गिरने, जंपर का जलना बदस्तूर जारी है। इसके बावजूद निगम के अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि इससे बेखबर बने हुए हैं। इसका सीधा असर आम लोगों को बिजली किल्लत के रूप में भुगतना पड़ रहा है। बिजली सप्लाई न होने के कारण कस्बा से लगायत गांवों तक पानी का संकट बना हुआ है। लोगों के घरों में लगे इनवर्टर जवाब दे चुके हैं। बिजली के सभी उपकरण शोपीस बन गए है। गांवों में सिंचाई के लिए लगे सरकारी नलकूप हाथी दांत साबित हो रहे हैं। प्रचंड गर्मी में लोगों को रात दिन पसीने से तरबतर होना पड़ रहा है।
अवर अभियंता संदीप कुमार ने बताया कि मेन सप्लाई में खराबी और तेज हवा के चलते आपूर्ति बाधित हो जा रही है। खराबी को ठीक कर सप्लाई सुचाररु करने का प्रयास किया जा रहा है।