जिले में लगातार दो दिन आग लगने की घटनाओं में सैकड़ों एकड़ खेतों में खड़ी फसल जलकर राख हो गई। रविवार को खुखुंदू व भाटपारानी सहित आधा दर्जन गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल जल गई। सोमवार को रुद्रपुर के दोआबा के किसानों पर आग ने जमकर कहर बरपाया।
क्षेत्र के आठ गांवों के किसानों की फसल उनकी आंखों के सामने ही जलकर राख हो गई। माझा नरायन गांव के सरेह से निकली चिंगारी ने गर्म पछुआ हवा के सहारे विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते गेहूं की फसल जल गई। देर शाम तक ग्रामीण और फायर ब्रिगेड के प्रयास से आग पर काबू पाया जा सका। तहसील प्रशासन ने आग से हुई क्षति का जायजा लिया।
सोमवार दोपहर बाद करीब चार बजे माझा नारायन गांव के समीप एक खेत में चिंगारी से आग लग गई। इसको बुझाने के लिए किसान जुट गए, लेकिन गर्म पछुआ हवा के आगे किसान बेबस हो गए। फसल को जला रही आग गोला बन कर एक खेत से दूसरे खेत में तबाही मचाने लगी।
आग से माझा नरायन, नीबा मठिया, अनुसा, बसडीला, भेड़ी, एकौना, जगदीशपुर और बहोरा दलपतपुर के किसानों की फसल जलने लगी। खेत में पक कर तैयार गेहूं की फसल को जलते देखकर किसानों का कलेजा दहल गया।
वे फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंचने पर पेड़ की टहनिया, झाड़ियों से खुद ही आग बुझाने लगे। करीब पांच बजे पहुंचा फायर ब्रिगेड भी आग बुझाने में जुट गया।
क्षेत्र के किसान रविन्द्र सिंह, ब्रह्मा सिंह, राजेश पांडेय, तप्पे पांडेय, बैजनाथ सिंह, जयकिशुन, लालजी, छेदी हरिजन, छविलाल, राधेश्याम मौर्या, रमाशंकर यादव, देवी दयाल यादव आदि किसानों की फसल जल कर नष्ट हुई। किसानों ने कहा कि कुछ जगहों पर खेतों में भूसा बनाने वाली मशीन चल रही है।
इससे आग लगने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई करें। किसानों ने तहसील प्रशासन से आग से हुई क्षति का जायजा लेकर मुआवजा देने की मांग की।