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Deoria News: आकिब हत्याकांड का मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, कार्रवाई के लिए एसपी को भेजा पत्र

Sun, 15 Dec 2024 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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सलेमपुर। आकिब हत्याकांड का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आकिब के भाई ने विवेचना में शिथिलता बरते का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए आयोग ने एसपी संकल्प शर्मा को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराते दोषी पुलिसकर्मियों पर आठ सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने को कहा है। दूसरी ओर आकिब के पिता का आरोप है कि जिसको बदलकर दूसरे को विवेचक बनाया गया था, अब वहीं वहां का थाना प्रभारी है। ऐसी स्थिति में न्याय कैसे मिलेगा।
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कोतवाली थाना क्षेत्र के चक हिछौरा निवासी आकिब की 21 जुलाई 2024 की रात घर से बुलाकर हत्या कर दी गई थी। उसके पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया था। बाद में गांव के ही आकिब के दोस्त अनस को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। परिजनों का आरोप था कि कोतवाली पुलिस घटना के खुलासा के बजाए मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। जिसको लेकर आकिब के पिता शमीम संतुष्ट नहीं थे। एसपी और डीआईजी से मिलकर मुकदमे के विवेचक को बदले जाने की मांग की थी। पीड़ित की बात को गंभीरता से लेते हुए एसपी संकल्प शर्मा ने पहले विवेचना कर रहे कोतवाल उमेश कुमार बाजपेई को हटाकर लार थानाध्यक्ष कपिल देव चौधरी को विवेचना सौंप दिया। विवेचक ने अनस की बहन और अनस को रिमांड पर लेकर अलग-अलग बात की। जिसमें यह स्पष्ट हो गया था कि आकिब की हत्या प्रेम-प्रसंग में नहीं हुई। हत्या में गांव से लेकर रिश्तेदारी के अन्य कई लोग सहयोगी रहे हैं। जिनकी कॉल डिटेल में भी लोकेशन दिख रहा है। आकिब के भाई शाकिब ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (विधि प्रभाग) से विवेचना में शिथिलता बरते का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए मानवाधिकार आयोग के एसबी-3 अनुभाग अधिकारी पंकज कुमार कायन ने एसपी संकल्प शर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि आठ सप्ताह के अंदर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट प्रेषित करें। शिकायतकर्ता के ईमेल आईडी पर पत्र मिलने के बाद परिवार के लोगों में एक बार न्याय की उम्मीद जगी। वहीं जब उन्हें पता चला कि जिस विवेचक को बदलकर दूसरे विवेचक को लगाया गया था। उस थाना का प्रभारी पुनः उसे ही बना दिया गया है। तब मायूसी छा गई। आकिब के पिता का आरोप है कि विवेचक बदलकर ही मानवाधिकार को रिपोर्ट भेजा जाए।



एसपी संकल्प शर्मा ने कहा कि आकिब हत्याकांड में विवेचना पूरी हो गई है। परिजनों की मांग पर विवेचक को बदल कर विवेचना कराई गई थी। जहां तक रही मानवाधिकार आयोग (विधि प्रभाग) के पत्र या मेल की तो इसकी जानकारी नहीं है। अगर पत्र आया होगा तो उसका जवाब उपलब्ध कराया जाएगा।
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