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Deoria News: तीन मंजिल ऊपर टंकी तक कैसे पहुंचा...घायल अशोक तो चलने लायक ही नहीं था

Tue, 14 Oct 2025 01:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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पानी की टंकी में शव मिलने की जांच करने इमरजेंसी पहुंची पुलिस की गाड़ी
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- मेडिकल कॉलेज कांड : - हत्या की लाइन पर जांच शुरू, चेहरे बेनकाब करने में जुटी पुलिस, अशोक के करीबियों पर शक
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-इमरजेंसी के एंट्री रजिस्टर में दर्ज मोबाइल नंबर पुलिस की जांच में मुरादाबाद का निकला







संवाद न्यूज एजेंसी



देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में छह अक्तूबर को पानी की टंकी में मिली लाश की शिनाख्त के बाद पुलिस की जांच में साफ हो गया है कि महाराष्ट्र के रहने वाले अशोक (61) की हत्या हुई है। पुलिस का दावा है कि अशोक को जिस हालत में भर्ती कराया गया था, पानी की टंकी तक जाना तो दूर सीढ़ी से नीचे उतरना भी उनके लिए मुश्किल था। उनके दाहिने पैर में घुटने से नीचे और पंजे में गहरे जख्म थे। पुलिस वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें बेनकाब करने में जुटी है।

पुलिस की जांच में पता चला है कि इमरजेंसी और वार्ड के एंंट्री रजिस्टर में अशोक के पते के साथ दर्ज मोबाइल नंबर मुरादाबाद के किसी शख्स का है। जिस दिन अशोक भर्ती हुए थे, उस दिन और उसके पहले काफी लोगों से बात हुई है। पुलिस और एसओजी की टीम पानी की टंकी और सर्जिकल वार्ड से साक्ष्य जुटा रही है। सोमवार को भी कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम मेडिकल कॉलेज में जमी रही।
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महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कुलगांव इलाके के विश्व कॉम्प्लेक्स चंद्रोदय के सामने रहने वाले अशोक गवांडे का शव छह अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज भवन के छत पर बनी पानी की टंकी में मिला था। टंकी के बाहर उनकी नीले रंग की शर्ट और मेडिकल कॉलेज की चादर बरामद हुई थी। पुलिस की जांच में पता चला है कि अशोक ने सर्जिकल वार्ड में 25 सितंबर को चादर लपेटी था, अंडरवियर नहीं पहन रखा था। पानी की टंकी के पास जहां शर्ट और चादर मिली वहां एक अंडवियर और दोनों पांव का मोजे भी मिले थे।

27 सितंबर की रात ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय रात में करीब 12 बजे के बाद सो गए थे। इसी बीच बेड संख्या 41 पर भर्ती अशोक गायब हो गए। उस दिन वार्ड में अन्य भर्ती मरीजों से पुलिस ने फोन पर संपर्क किया मगर सभी का एक ही जवाब था कि रात होने के कारण नींद आ गई थी।




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अशोक के भाई बोले- पत्नी और ससुराल से था मनमुटाव



जांच के लिए देवरिया से महाराष्ट्र गई पुलिस टीम के मुताबिक अशोक के भाई ने पत्नी और ससुराल के लागों से अशोक के मनमुटाव की जानकारी दी है। सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। सुरागों की पुष्टि के लिए पुलिस 20 से अधिक मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकलवा रही है। इसमें अशोक के करीबियों और मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों नंबर भी शामिल हैं। 27 सितंबर की रात में सर्जिकल वार्ड में जिस गार्ड की ड्यूटी थी, वह अगले दिन से अवकाश पर है। पुलिस उसके बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस जल्द ही मामले से पर्दा उठाने का दावा कर रही है।

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सिर्फ ग्राउंड फ्लोर पर कैमरे, ऊपर कोई निगरानी नहीं
मेडिकल कॉलेज के पांच मंजिला भवन में सिर्फ ग्राउंड फ्लोर पर कैमरे लगे हैं। एक कैमरा मुख्य द्वार पर घुसते समय बाईं ओर लगा है और पंजीकरण हाॅल में घुसने पर दाईं ओर कोने में एक कैमरा लगा है। इसे ऊपर की तरफ कर दिया गया है अगर कोई बगल के दरवाजे से अंदर सीधे हाॅल में घुसता है तो कैमरे में दिखाई नहीं देगा। वह लिफ्ट से सीधे ऊपर चला जाए तो कहीं नजर नहीं आएगा। हड्डी रोग, जनरल सर्जरी और मेडिसिन की ओपीडी के हाॅल में एक-एक कैमरे लगे हैं। इसके बाद किसी भी फ्लोर पर कैमरा नहीं है। ग्राउंड फ्लोर से चौथे फ्लोर तक जाने के लिए चार रास्ते हैं और चौथे फ्लोर से छत पर जाने के लिए दो रास्ते हैं। यदि अशोक को वार्ड या वार्ड के बाहर ले जाकर हत्या की गई होती तो वह चीखता-चिल्लाता और पूरी बिल्डिंग में उसकी आवाज गूंजती, मगर किसी ने कोई आवाज नहीं सुनी।





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पहुंचने वाले थे एसपी, अचानक बदला कार्यक्रम



मेडिकल कॉलेज में वारदात स्थल का निरीक्षण करने के लिए एसपी संजीव सुमन सोमवार को पहुंचने वाले थे। इसके लिए पानी की टंकी से लेकर सर्जिकल वार्ड और इमरजेंसी वार्ड में कोतवाली पुलिस और एसओजी सक्रिय हो गई थी। करीब एक घंटे बाद पता चला कि एसपी का कार्यक्रम स्थगित हो गया। इसके बाद पुलिस टीम लौट गई। मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी में बुलाकर एसओजी ने स्वास्थ्यकर्मियों से पूछताछ की।

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पूरे दिन इंतजार करती रही पुलिस

अशोक के साले प्रफुल्ल नागरकर ने फोन पर बातचीत में बताया कि बयान दर्ज कराने के लिए सोमवार को देवरिया जाने वाले थे, मगर शाम तक हवन-पूजन होने के कारण समय नहीं मिल सका। वह मंगलवार को देवरिया पुलिस से संपर्क करेंगे। पूरे दिन साले प्रफुल्ल और अशोक की पत्नी तनु के आने का पुलिस इंतजार करती रही। दोपहर करीब दो बजे पता चला कि वे आज नहीं आएंगे।

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कोट



हत्या की पुष्टि हो गई है। इसमें शामिल लोगों की पहचान के लिए पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन से सीसीटीवी कैमरे का फुटेज मांगा गया है। इसके अलावा जो जानकारी मिली है, उस आधार पर अशोक के करीबियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।

- संजय रेड्डी, सीओ सिटी

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शांतिपाठ के बाद बयान दर्ज कराने देवरिया जाएंगी तनु



- मौत की असल वजह जानने के लिए पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने की कही बात

अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। हुमायूंपुर दक्षिणी में स्थित मायके में रह रहीं महाराष्ट्र के ठाणे निवासी अशोक की पत्नी तनु का कहना है कि शांतिपाठ खत्म होने के बाद वह देवरिया कोतवाली में अपना बयान दर्ज कराएंगी। वह पति की मौत की असल वजह जानना चाहती हैं।



सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र के कुलगांव थाणे निवासी अशोक गवांडे की मौत की जांच में जुटी देवरिया पुलिस ने गोरखपुर पुलिस से संपर्क किया है। पुलिस पता कर रही है कि अशोक साले प्रफुल्ल नागरकर के घर से किस ई-रिक्शा में गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। ई-रिक्शा चालक ने उन्हें कहां छोड़ा और इसके बाद वह किसके साथ बैतालपुर पहुंचे। ई-रिक्शा चालक से पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारी मिल सकती है।
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अशोक के घायल होने की मिल जाती सूचना तो समय से हो जाता इलाज



अशोक के साले प्रफुल्ल के दोस्तों का कहना था कि घायल अशोक को पुलिस ने देवरिया मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। मौत के बाद पुलिस की एक टीम मुंबई और दूसरी उनके घर पहुंची थी। सही समय पर अशोक के बैतालपुर में घायल होने की जानकारी मिल जाती तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। अशोक की ससुराल के लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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