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Deoria News: आयुर्वेदिक क्लीनिक की आड़ में चल रहा था अस्पताल, सील

Mon, 07 Apr 2025 11:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
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देवरिया। शहर के रामनाथ देवरिया मोहल्ला स्थित एक अस्पताल में बुधवार की रात गर्भवती की मौत के बाद आयुर्वेदिक विभाग ने सोमवार को अस्पताल को सील कर दिया।
नोटिस चस्पा कर स्पष्टीकरण मांगा है। एक सप्ताह में संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभाग विधिक कार्रवाई करेगा। आयुर्वेदिक विभाग की जांच में पता चला आयुर्वेदिक क्लीनिक की आड़ में एलोपैथिक अस्पताल चलाया जा रहा था। उधर, घटना के बाद से संचालक अस्पताल बंद कर फरार है। सुरौली क्षेत्र के सरौरा गांव निवासी छोटेलाल गोंड ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि उसकी 24 वर्षीय पत्नी उर्मिला देवी गर्भवती थी।
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प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार को आशा कार्यकर्ता के साथ परिजन उर्मिला को लेकर पीएचसी मझंगावा पहुंचे।
प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने हालत गंभीर देख मेडिकल काॅलेज भेज दिया।
इसी बीच आशा कार्यकर्ता ने परिजनों को झांसे में लिया। आरोप है कि आशा कार्यकर्ता के झांसे में आकर परिजन उर्मिला को लेकर शहर के रामनाथ देवरिया मोहल्ला स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने नार्मल प्रसव कराने की बात कहते हुए इलाज शुरू कर दिया और 13 हजार रुपये जमा करा लिए।
उसी दिन देर रात करीब एक बजे डॉक्टर और कर्मचारियों ने महिला को बाहर निकाल दिया और मेडिकल काॅलेज या दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात कहने लगे। उर्मिला के पति ने कारण पूछा तो कर्मचारी मारपीट कर अस्पताल बंद कर फरार हो गए।
परिजन महिला को लेकर मेडिकल काॅलेज पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। उधर, घटना का सीएमओ डॉ. राजेश झा ने संज्ञान लेकर टीम को अस्पताल भेजा, मगर बंद मिला। उन्होंने इस बावत क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी को पत्र लिखा था।
इसके बाद क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय जांच में जुट गया है। इस बीच पता चला है कि सितंबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक क्लीनिक के रूप में पंजीकरण कराया गया था।
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जांच में यह भी पाया गया कि आयुर्वेदिक क्लीनिक की आड़ में एलोपैथिक अस्पताल संचालित किया जा रहा था।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. विशाल चौधरी के नेतृत्व में डॉ. सृजन राय, डॉ. हेमंत कुमार यादव, डॉ. धीरेंद्र पांडेय की टीम सोमवार को अस्पताल पहुंची और उसे सील कर दिया। साथ ही स्पष्टीकरण के लिए नोटिस चस्पा कर दिया है।
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