देसही देवरिया। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी होमगार्ड की पहचान महुआडीह थाने में परेड के दौरान हुई। वर्दीधारी आरोपी को देखते ही किशोरी ने उसे पहचान लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
अब होमगार्ड पर विभागीय कार्रवाई भी होगी। उधर, होमगार्ड के घरवाले इस साजिश बताते हुए जांच की मांग कर रहे हैं।
महुआडीह थानाक्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी बीते 29 दिसंबर को घर से लापता हो गई थी। अगले दिन उसे वाराणसी स्टेशन पर जीआरपी ने पकड़कर सूचना दी। पुलिस 31 दिसंबर को किशोरी को लेकर आई। पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने प्रस्तुत किया तो किशोरी ने बताया कि घर में डांट पड़ने पर वह 29 दिसंबर की शाम को घर छोड़कर निकल गई थी।
रास्ते में एक अनजान युवक मिला, जिसने देवरिया पहुंचाने के बहाने तरकुलवा अपने कमरे पर ले जाकर रोक लिया। वहां रात में युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। सुबह जान से मारने की धमकी देते हुए देवरिया ओवरब्रिज के पास लाकर छोड़ दिया। किशोरी वहां से ट्रेन पकड़कर वाराणसी चली गई। वहां जीआरपी ने संदिग्ध हालत में देखा तो पूछताछ के बाद सुधार गृह भेज दिया। इसकी सूचना मिलने पर महुआडीह पुलिस पहुंची और किशोरी को लेकर आई।
किशोरी ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान में दुष्कर्म की बात कही। पुलिस ने सोमवार को महुआडीह थाने में पुलिस व होमगार्ड के जवानों की परेड कराई। इसमें इसी थाना क्षेत्र के मोहनपट्टी गांव के रहने वाले शंभू पासवान को किशोरी ने पहचान लिया।
शंभू होमगार्ड का जवान है और इसकी तैनाती डायल 112 में चालक के पद पर है। मंगलवार को होमगार्ड को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एसओ अमित कुमार राय ने बताया कि किशोरी के पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की विवेचना की जा रही थी। आरोपी होमगार्ड को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।