भटनी में रंगों का त्योहार होली वैसे तो मेलजोल और खुशियों का त्योहार है। इस दिन लोग गिले शिकवे भूलाकर एक दूजे को गले लगाते हैं। लेकिन कई दफेे कुछ मनबढ़ों के चलते होली का पर्व कुछ परिवारों के लिए उदासी का सबब बन जाता है। भटनी के देवघाट गांव में कई परिवार ऐसे हैं, जो पिछलेे पांच सालों से होली का त्योहार नहीं मना पाते। इसकी वजह मनबढ़ों का आतंक बताया जा रहा है। इस बार भी होली आते ही इन परिवार के लोग दहशत में हैं।
देवघाट गांव में त्रिलोकीनाथ, देवी प्रसाद और प्रभुनाथ मिश्र का परिवार रहता है। तीनों परिवार के लोगों का कहना है कि पिछले चार पांच सालों से होली दहन के बाद गांव के करीब 12 से अधिक मनबढ़ युवकों का आतंक शुरू हो जाता है। ये युवक गोबर, कीचड़, ईंट-पत्थर और असलहों के साथ घरों पर हमला बोल देते हैं। इस दौरान यह युवक बदतमीजी और मारपीट भी करते हैं।
युवकों के इस रवैये से पूरा परिवार डरा सहमा रहता है। पिछले साल जब युवकों ने इस तरह की हरकत की तो इसकी लिखित शिकायत भटनी थाने में की गई। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे युवकों का मनोबल बढ़ा हुआ है।